डीएम के अध्यक्षता में समाज कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पूर्व दशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति वितरण की जनपद स्तरीय समिति की बैठक संपन्न।

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अधिकतम विद्यार्थियों को योजना का लाभ देने हेतु निर्धारित तिथि के अंदर ही संस्थाओं को डाटा फॉरवर्ड करने के दिए निर्देश।

राजेश गुप्ता

मऊ/संसद वाणी : जिलाधिकारी अरुण कुमार के अध्यक्षता में समाज कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पूर्व दशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति वितरण की जनपद स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट सभा कक्ष में संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए प्रथम चरण में आवेदन की तिथि 31 दिसंबर थी। इस दौरान प्राप्त आवेदनों को संस्थाओं द्वारा फॉरवर्ड किया जाना है।इसके अलावा अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति हेतु आवेदन हेतु द्वितीय चरण की अंतिम तिथि 31 मार्च है। इसी प्रकार सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु छात्रवृत्ति के आवेदन के लिए अंतिम तिथि 10 जनवरी है। उन्होंने बताया कि संस्थाओं द्वारा समय से डाटा फॉरवर्ड ना करने के कारण कई विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाता है।इसके अलावा कुछ संस्थाएं नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से छात्रवृत्ति का प्रलोभन देकर अनाधिकृत प्रवेश कर लेते हैं, जिससे बाद में ऐसे विद्यार्थियों द्वारा छात्रवृत्ति न मिलने पर शिकायतें की जाती है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग मैं सीमित मात्रा में धनराशि छात्रवृत्ति हेतु आवंटित की जाती है, जिसके कारण समस्त विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पाता है।इस वर्ग के विद्यार्थियों के नामांकन के दौरान ही संस्थाओं द्वारा वास्तविक स्थिति से अवगत न करने के कारण बाद में छात्रवृत्ति के संबंध में शिकायतें प्राप्त होती हैं। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संस्थाओं के उपस्थित प्रतिनिधियों को निर्धारित समय सीमा के अंदर ही प्राप्त आवेदनों को फॉरवर्ड करने के निर्देश दिए। छात्रवृत्ति के प्रलोभन में अनाधिकृत नामांकन करने वाले संस्थानों के खिलाफ शिकायत मिलने पर संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के भी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। इस दौरान उन्होंने संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आवेदनों को फॉरवर्ड करने के दौरान ठीक ढंग से परीक्षण करने को कहा, जिससे आवेदन सस्पेक्टेड की श्रेणी में ना आए तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिल सके। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने शासनादेश के अनुसार संस्थाओं को कम से कम 5 वर्ष तक छात्रवृत्ति वितरण से संबंधित डाटा को सुरक्षित रखने के भी निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रशांत नागर,जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र गुप्ता,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नंदकुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुज कुमार, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नंद विश्वकर्मा सहित संस्थाओं के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

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