अनाज बैंक के जरिये भूख से मुक्ति की गारंटी और संवाद के जरिये शांति स्थापना की बड़ी पहल

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हिन्दू मुस्लिम संवाद केंद्र का हुआ उद्घाटन

विवाद से नहीं संवाद से किया जाए समस्याओं का हल -एडीजी रामकुमार

भूख पीड़ितों के लिये वरदान बना अनाज बैंक -एडीजी रामकुमार

मऊ/संसद वाणी

• विशाल भारत संस्थान के कार्यक्रम में जुटे हिन्दू–मुसलमान।

• विशाल भारत संस्थान प्रत्येक थाना iस्तर पर हिन्दू–मुस्लिम संवाद केन्द्र की स्थापना करेगा।

• भूख से निजात और शांति स्थापना दुनियां की सबसे बड़ी जरूरत।

• भूख और शांति को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ चिंतित।

• संयक्त राष्ट्र संघ की मंशा के अनुरुप कार्य कर रहा है विशाल भारत संस्थान।

जहां एक तरफ भूख से मुक्ति एवं शांति की स्थापना को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ चिंतित है, वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनियां को भूख और हिंसा से लड़ने के लिए प्रेरित कर रहे है। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए विशाल भारत संस्थान ने भूख और शांति को लेकर बड़ी पहल की है। विशाल भारत संस्थान द्वारा संचालित विश्व के पहले अनाज बैंक की मऊ शाखा ने मुसहर परिवार की 60 महिलाओं को भूख से मुक्ति की गारंटी देने हेतु अनाज बैंक की ओर से पासबुक जारी किया।

विशाल भारत संस्थान ने हिन्दू–मुस्लिम संवाद केन्द्र एवं सुभाष चौक की स्थापना की। साथ ही अनाज बैंक : सामाजिक सहभागिता द्वारा भूख से मुक्ति का प्रयास विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन नन्दौर बाजार स्थित अनाज बैंक परिसर में किया गया।

कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य अतिथि वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक रामकुमार ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीपोज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपर पुलिस महानिदेशक रामकुमार को बाल आजाद हिन्द बटालियन की सेनापति दक्षिता भारतवंशी के नेतृत्व में सलामी दी गयी। मुख्य अतिथि रामकुमार ने अनाज बैंक सुभाष चौक का उद्घाटन पर्दा हटाकर किया। पोस्टर प्रदर्शन कर हिन्दू–मुस्लिम संवाद केन्द्र का उद्घाटन किया। विश्व के पहले अनाज बैंक की निकासी खाताधारक 60 मुसहर महिलाओं को अनाज एवं पासबुक देकर भूख से मुक्ति की गारंटी दी गयी एवं साड़ी वितरित कर उनको मुख्य अतिथि रामकुमार द्वारा सम्मानित किया गया। समाजसेविका सीता राय एवं राम प्रभाव यादव ने मुख्य अतिथि रामकुमार एवं विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ० राजीव श्रीगुरूजी को अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

अनाज और अनाज बैंक का पासबुक पाकर मुसहर महिलाओं के चेहरे पर विजयी मुस्कान थी। अब उनको और उनके बच्चों को भूख से मुक्ति की गारंटी मिल गयी थी। मुसहर परिवार भले ही सड़क पर संघर्ष कर रोटी का जुगाड़ कर ले रहा हो, लेकिन महीने में 4 से 5 दिन भूखे ही गुजारना पड़ता था। अब अनाज बैंक के जरिये मुसहर परिवार को इतना अनाज उपलब्ध करा दिया जाता है कि उनको फांका न करना पड़े। त्योहार पर बच्चे भी भूखे न सोए। संयुक्त राष्ट्र संघ की भूख पर चिंता के अनुरूप अनाज बैंक भूख पीड़ितों को भूख से मुक्ति दिलाने का अभियान चला रहा है।

अनाज बैंक में दो तरह के खाताधारक हैं- एक जमा खाताधारक, दूसरे निकासी खाताधारक। जमा खाताधारकों को अनाज जमा करने पर संतोष, दुआ, पुण्य और मोक्ष जैसा आध्यात्मिक ब्याज मिलता है। अनाज बैंक विश्व का पहला ऐसा बैंक है जिसमें केवल अनाज ही जमा होता और अनाज ही निकाला जाता है। अनाज बैंक सामाजिक सहभागिता से चलने वाला बैंक है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

हिन्दू–मुस्लिम संवाद केन्द्र के माध्यम से थाना स्तर पर संवाद के जरिये विवाद को हल करने का सार्थक प्रयास किया जाएगा। शांति के प्रयास के लिए यह स्थानीय स्तर पर श्रेष्ठ मॉडल साबित होगा, जिसमें पुलिस प्रशासन को भी शामिल किया जाएगा। धार्मिक एवं सामाजिक संघर्ष को रोकने में शांति बहाली के साथ प्रत्येक संघर्ष के कारणों की केस हिस्ट्री संवाद केन्द्र तैयार करेगा।

इस अवसर पर अपना विचार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक रामकुमार ने कहा कि भूख से आजादी और शांति दुनिया की सबसे बड़ी जरूरत है। विश्व का हर देश भूख से मुक्ति और शांति की स्थापना के लिए प्रयास कर रहा है। इसमें सामाजिक संगठनों एवं समाज की बड़ी भूमिका है। अनाज बैंक के कार्यक्रम अत्यधिक जगह चलाने की जरूरत है। यह एक शुरुआत है। इसकी आवश्यकता भारत जैसे देश में बहुत अधिक है। सोनभद्र में आदिवासी 20 वर्ष पूर्व घास को पीसकर रोटी खाते थे। परिस्थितियों से लड़ने के लिये अनाज बैंक की जरूरत है। अनाज बैंक सतत रूप से चलने वाला प्रकल्प है। अनाज बैंक में लोगों को खुलेरूप से अनाज जमा करना चाहिए। मुझे अनाज बैंक का जमा खाताधारक बनने पर गर्व महसूस होगा क्योंकि मेरी वजह से किसी परिवार का पेट भरेगा। समाज में समरसता बनाए रखने के लिए संवाद की जरूरत है। आपस में बैठकर लगातार बात करें। जहां भारत की बात होती है वहां हिन्दू मुस्लिम की बात नहीं होती है। विशाल भारत संस्थान का हिंदू-मुस्लिम संवाद केंद्र बहुत बड़ा कदम है। इसको आगे बढ़ाने की जरूरत है।

विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ० राजीव श्रीगुरूजी ने कहा कि भूख का मतलब अमीरी गरीबी से नहीं है, परिस्थिति जन्य भूख के कभी न कभी सभी शिकार होते है। कोरोना काल में सबसे अधिक पीड़ा भूख ने ही पहुंचाई। कोरोना से कम भूख से अधिक मृत्यु दूसरे देशों में हुई। भारत की सरकार, सामाजिक संगठन और भारतीय संस्कृति के प्रभाव ने भारत के लोगों को भूख से बचा लिया। अनाज बैंक ने 100 दिनों तक भूख पीड़ितों की मदद की। बाकी सभी समस्याओं को टाला जा सकता है लेकिन भूख की समस्या को टाला नहीं जा सकता। आपदा चाहे जैसी हो वह भूख की समस्या ही खड़ी करती है। भूख से निजात दिलाना केवल सरकारों का काम नहीं है बल्कि समाज के जिम्मेदार लोगों को भी भूख से मुक्ति की जिम्मेदारी लेनी होगी। संयुक्त राष्ट्र संघ की चिंता भूख को लेकर सबसे अधिक है। अनाज बैंक संयुक्त राष्ट्र संघ की अपेक्षाओं पर चलने वाला आंदोलन है जो सामाजिक सहभागिता के आधार पर चलता है और आपदा में सरकारों के साथ खड़ा रहता है। भूख पीड़ितों की मदद के लिए संगठित और प्रभावशाली माध्यम है अनाज बैंक। जिनका कोई सहारा नहीं है उसके लिये अनाज बैंक 24 घण्टे काम करता है। अनाज बैंक के खाताधारकों में विधवा, तलाकशुदा, किन्नर, वृद्ध, मुसहर, नट, बाँसफोर एवं अन्य घुमन्तु जातियों को प्राथमिकता दी जाती है।

डॉ० राजीव ने कहा कि विशाल भारत संस्थान प्रत्येक थाना स्तर पर हिन्दू-मुस्लिम संवाद केन्द्र के जरिये स्थायी शांति एवं संघर्ष प्रबंधन हेतु प्रयास करेगा, साथ ही सामाजिक एवं धार्मिक संघर्ष के कारणों पर भी शोध कर केस हिस्ट्री तैयार करेगा ताकि हमेशा के लिए संवाद से संघर्ष को खत्म किया जा सके।

हिन्दू-मुस्लिम संवाद केन्द्र का जिला समन्वयक एडवोकेट अरूण कुमार सिंह को बनाया गया।

कार्यक्रम का संचालन अनाज बैंक के प्रबंध निदेशक अर्चना भारतवंशी ने किया धन्यवाद महाप्रबंधक अजय कुमार सिंह ने किया।

कार्यक्रम में ज्ञान प्रकाश, नजमा परवीन, विशाल भारत संस्थान मऊ के जिला चेयरमैन मृत्युंजय यादव, डॉ० धनंजय यादव, इली भारतवंशी, खुशी भारतवंशी, उजाला भारतवंशी, दक्षिता भारतवंशी, अफरोज खान, फिरोज खान, रत्नेश चौहान, अख्तर हुसैन, रामबचन राजभर, विनोद यादव, अजय यादव, राम प्रभाव यादव, रियाज अहमद, अमरीश यादव, निरमा राजभर, नौशाद, दीपक गोंड, पंकज कुमार, सुनील पासवान, अभिजीत विसेन, शहाबुद्दीन जोसफ, पंकज मल, आस्था यादव, नीलिमा यादव, योगेश, आशुतोष, शुभि आदि लोगों ने भाग लिया।

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