फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में स्वास्थ्य विभाग की मुहिम लायी रंग, फाइलेरिया मुक्त ब्लाक होने की ओर अग्रसर हुआ बरहनी ब्लाक

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चंदौली/संसदवाणी

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को जिले में एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है | ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (टास) में फाइलेरिया की प्रसार दर बरहनी ब्लाक में एक प्रतिशत से कम मिला है| इसके साथ ही यह ब्लाक फाइलेरिया मुक्त ब्लाक होने की ओर अग्रसर हो चला है|
यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वाईके राय ने दी | उन्होंने बताया कि फाइलेरिया यानी हाथी पांव की बीमारी के प्रसार दर का पता लगाने के लिए ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (टास) कराया जाता है | इस सर्वे के जरिये यह जानकारी मिलती है कि किस क्षेत्र में फाइलेरिया बीमारी की प्रसार दर क्या है | इसके तहत ही बरहनी ब्लॉक में 1 जून 2023 से 19 जून 2023 तक ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे कराया गया | इस सर्वे में बरहनी ब्लॉक में फाइलेरिया बीमारी की प्रसार दर एक प्रतिशत से कम होने की पुष्टि हुई है | उन्होंने कहा कि जनपद का यह पहला ब्लॉक है जिसमें फाइलेरिया बीमारी की प्रसार दर इतना कम है और यह फाइलेरिया मुक्त होने की ओर अग्रसर है | तीन चरणों में (टास) किये जाते हैं l अभी दो और सर्वे शेष हैं जो दो साल बाद किये जायेंगे | सीएमओ ने उम्मीद जताई है कि बरहनी ब्लाक को मिली इस सफलता से प्रेरित होकर अन्य ब्लाक भी बेहतरीन परिणाम की ओर अग्रसर होंगे |
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ हेमंत कुमार ने बताया कि ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (टास) के तहत बरहनी ब्लॉक को 85 कलस्टरो में बांटा गया था | इन कलस्टरों में से डब्ल्यूएचओ ने रैंडमली 30 कलस्टरों में 20 साल की आयु के ऊपर के लोगों की रक्त जांच दिन में एफटीएस किट के माध्यम से की गयी | प्रत्येक कलस्टर में 105 लोगों की जांच की गई |
इसमें 30 कलस्टरों में जांच के लिए स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सूर्य प्रकाश और बीपीएम रोशन अली के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया |


जिला मलेरिया अधिकारी पीके शुक्ला ने बताया कि सर्वे के लिए प्रत्येक टीम में एक एलटीएलए वार्ड बॉय, एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता समेत 6 सदस्य शामिल रहें | इस टीम ने 1 जून से 19 जून 2023 तक (अवकाश के दिनों को छोड़ कर ) प्रतिदिन दो कलस्टरों में लोगों की जांच की तथा धनात्मक पाए गए मरीजों की रात में नाइट ब्लड सर्वे में रक्त पट्टिका का बना कर उनकी माइक्रोस्कोप से भी जांच की | डब्ल्यूएचओ के डॉक्टर निशांत कुमार तथा पाथ संस्था के डॉक्टर सरीन के साथ ही डीएमओ पीके शुक्ला व एएमओ राजीव सिंह व बरहनी पीएचसी के प्रभारी डॉ शैलेंद्र कुमार ने प्रतिदिन ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (टास) की गहन मॉनिटरिंग की |

सहायक मलेरिया अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (टास) में बरहनी ब्लॉक के 30 क्लस्टर में एफटीएस किट के माध्यम से कुल 3150 लोगों की जांच की गई | जिसमें किट के माध्यम से 41 लोगों की जांच धनात्मक पाई गई नाइट ब्लड सर्वे में इन 41 लोगों में से केवल 7 लोगों में ही माइक्रो फाइलेरिया की पुष्टि हुई | इस सर्वे में माइक्रोफाइलेरिया दर 0.95% रही जो 1% से कम रही|फाइलेरिया बीमारी प्रसार दर 1% से कम रहने के कारण बरहनी ब्लॉक टीएएस के प्रथम चरण में पास हो गया | यह जनपद का पहला फाइलेरिया मुक्त ब्लाक बनने की ओर अग्रसर हो चुका है|

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