काला चावल की दुर्दशा देख हैरान रह गए सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, भाजपा सरकार पर जमकर हुए मुखर

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चंदौली/संसदवाणी

समाजवादी पार्टी के फायर ब्रांड नेता व सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू बुधवार को एक बार फिर भाजपा सरकार व उनके जनप्रतिनिधियों पर हमलावर रहे। उन्होंने नवीन मंडी का दौरा कर कूड़े-करकट की तरह फेंके गए काला चावल की दुर्दशा को देखा और कहा कि काला चावल को लेकर चंदौली के सांसद, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सहित देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े-बड़े दावे व वादे किए, लेकिन वास्तविकता यह है कि जनपद चंदौली के किसानों द्वारा पैदा किया गया काला धान नवीन मंडी में कूड़े की तरफ फेंका गया है, जिसकी आज के समय में कोई कीमत नहीं है। यह बीत दीगर है कि चुनाव आने पर इसी काले चावल को नेता चुनावी मंच से 1500 रुपये किलो बेचने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद किसानों की सुधि लेने कोई नहीं आता है।


उन्होंने कहा कि एक बार फिर लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और अबकी बार फिर काला चावल के नाम पर जनपद के किसानों को ठगा जाएगा। कहा कि डीएम के बाद बजट भेजा गया है, जिससे काला चावल से नूडल बनाने की योजना है। इसके लिए प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की चर्चाओं को बल दिया जा रहा है। यह कहा जा रहा है कि चंदौली जिला प्रशासन इसके लिए जमीन तलाश रहा है, लेकिन चुनाव बीतने के बाद भी अन्य योजनाओं की तरह यह योजना भी स्थगित व ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी। जिला प्रशासन की वादाखिलाफी व उपेक्षा के कारण आज चंदौली का एक भी किसान काला चावल की उपज बोने के लिए तैयार नहीं है। क्योंकि 1200 कुंतल काला धान नवीन मंडी के गोदामों में पड़ा है और किसानों के घर पर भी दो-चार कुंतल काला धान पड़ा हुआ है। कहा कि भाजपा के नेता मंच से बड़ी-बड़ी लच्छेदार बातें करते हैं और जनता को गुमराह करने का काम करते हैं। कहा कि कश्मीर पर बयान देने वाले भाजपा के नेता चंदौली के किसानों के मर्म को भूल गए। ये वही लोग है जो विदेशी खाना खाते हैं, विदेश से आए पानी को पीते हैं और विदेशी कपड़े पहनते हैं, लेकिन जब मंच पर चढ़ते हैं तो स्वदेश की बातें करते हैं। इनका दोहरे चरित्र को आज देश के किसान व नौजवान जान चुके हैं। कहा कि नौ साल बेमिसाल का नारा देने वाले चंदौली के सांसद व भाजपा के स्थानीय विधायकों को नवीन मंडी आकर कूड़े के तरह पड़े किसानों के काला चावल की उपज को जरूर देखना चाहिए और इस दुर्दशा के लिए उन्हें किसानों से माफी भी मांगनी चाहिए। इस अवसर पर नन्द कुमार राय, गुड्डू सिंह, अमित उपाध्याय, बृजेश चौरसिया, लक्ष्मन बिंद, अजहर, अभिषेक सिंह, दयाराम यादव आदि उपस्थित रहे।

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