एक लाख के इनामी बदमाश को मुठभेड़ में लगी गोली, 8 वर्ष से जिला कारागार से हुआ था फरार

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एसटीएफ और जिले पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में मिली बड़ी सफलता

राकेश वर्मा
आजमगढ़/संसद वाणी : स्पेशल टास्क फोर्स, लखनऊ और जनपद आजमगढ़ की सिधारी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख के इनामी बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। हत्या, डकैती लूट सहित आधा दर्जन से अधिक संगीन अपराध को अंजाम देने वाला यह बदमाश वर्ष 2016 में जिला कारागार आजमगढ़ से फरार हो गया था। जिसके ऊपर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। उसके पास तमंचा व कारतूस बरामद किया गया। एसटीएफ को विगत काफी समय से फरार/पुरस्कार घोषित अपराधियों के सक्रिय होकर अपराध करने एवं अन्य अपराधों में लिप्त होने की सूचनायें प्राप्त हो रहीं थी। इस सम्बन्ध में STF के विभिन्न टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। उसके अनुपालन में पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ लखनऊ के पर्यवेक्षण में टीम गठित कर अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी। अभिसूचना संकलन के क्रम में जनपद आजमगढ़ की एक पुलिस टीम भी मौजूद रही, इस दौरान ज्ञात हुआ कि वर्ष-2016 में जनपद कारागार आजमगढ़ में निरूद्ध बन्दी जितेन्द्र मुसहर जेल की दीवार फादकर फरार हो गया था और उसके विरूद्ध थाना सिधारी में मुकदमा पंजीकृत था। जिसमें वह एक लाख का पुरस्कार घोषित है, वह अपने साथी चंद्रशेखर मुसहर के साथ आजमगढ़ में किसी से मिलकर बड़ी घटना को अंजाम देने वाला है। इस सूचना पर एसटीएफ टीम व थाना सिधारी पुलिस को साथ लेकर भदुली बाई पास के पास उसका इन्तजार करने लगी। जहां दो व्यक्ति व्यक्ति पैदल आते दिखायी दिये, जिसे पुलिस टीम द्वारा रोकने का प्रयास किया गया तो दोनों व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर भागने लगे तो उनका पीछा किया गया, जिस पर दोनों व्यक्ति पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगे। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की गयी। सर्विस लेन पर एक व्यक्ति गोली लगने से घायल हो गया और दूसरा व्यक्ति अन्धेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गया। घायल व्यक्ति के दाहिने पैर में गोली लगी, उसे नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया जहॉ पर चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है। घायल व्यक्ति ने अपना नाम जितेन्द्र मुसहर बताया एवं भागे हुए व्यक्ति का नाम चन्द्रषेखर मुसहर बताया। बता दें कि थाना क्षेत्र तरवॉ अन्तर्गत मन्दिर परिसर में सो रहे एक पुजारी एवं 2 ग्रामीणों की हत्या कर डकैती की घटना हुई थी, जिसमें जितेन्द्र मुसहर समेत अन्य लोग आदि जेल गये थे। जेल में निरूद्ध के दौरान इनके द्वारा जेल में खाना बनाने का कार्य किया जा रहा था। उस दौरान वह 18 अगस्त 2016 को रक्षाबन्धन के दिन खाना बनानेे के उपरान्त खाना बनाने वाले कलछुल, चादर एवं गमछे की मदद से जेल की दीवार फॉदकर अपने दो अन्य साथी चंद्रशेखर व प्रकाश के साथ फरार हो गया था।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 8 वर्ष से फरार अपराधी की एसटीएफ और जिले की पुलिस संयुक्त टीम द्वारा मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। गाजीपुर का रहने वाला जितेंद्र मुसहर पर एडीजी वाराणसी ज़ोन द्वारा एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। इसके ऊपर हत्या, डकैती समेत 6 जगन्य अपराध के मुकदमें आजमगढ़, जौनपुर और बलिया में पंजीकृत है। वर्ष 2016 से वह फरार हो गया था जिसमें अपराध मुकदमा संख्या 157/16 धारा 223, 224 आईपीसी में वांछित व फरार चल था। पुलिस टीम द्वारा इससे और विस्तृत जानकारी की जा रही है। आज की घटना में धारा 307 आईपीसी व 3/5 आर्म्स एक्ट के तहत पंजीकृत आगे की विवेचना सिधारी थाने द्वारा की जा रही है।

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