सुभासपा अध्यक्ष के बेटे के आशीर्वाद संगोष्ठी में जुटे दिग्गज

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छोटा सा गांव दिग्गज नेताओं से रहा गुलजार

पिंडरा/संसद वाणी
सुभासपा अध्यक्ष व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर के छोटे बेटे अरुण की शादी सियासी गलियारे में चर्चा के केंद्र में है। वही छोटे से गांव में दिग्गजों के जमावड़े से गुलजार रहा।
बताते चलें कि सुभासपा अध्यक्ष के बेटे व पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर की 11 जून को शादी थी और आज मंगलवार को रिसेप्शन पार्टी है। ऐसे में प्रदेश के बड़े नेताओं का राजभर के वाराणसी के फत्तेहपुर (कटौना) गांव स्थित आवास पर जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। बीजेपी यूपी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी मंगलवार को दोपहर में फत्तेहपुर गांव पहुंचे और नवविवाहित जोड़े अरुण और निकिता को आशीर्वाद दिया। इस दौरान काफी देर तक दोनों नेताओं ने चर्चा की और एक दूसरे का हालचाल जाना। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री गिरीश यादव समेत कई अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे। सपा नेता रामगोविंद चौधरी और रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी भी वर-वधू को आशीर्वाद देने पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ओपी राजभर को बधाई पत्र भेज कर इस शादी के शुभकामनाएं दीं थीं।यूपी चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन में शामिल रही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) क्या फिर से बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए में शामिल होगी? भूपेंद्र सिंह चौधरी और ओमप्रकाश राजभर की मुलाकात के बाद इन अटकलों को हवा तेज हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सुभासपा अध्यक्ष लोकसभा चुनाव 2024 से पहले फिर से एनडीए में वापसी करेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सुभासपा प्रमुख की मुलाकात के दौरान क्या बातचीत हुई, इस संबंध में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुराने गठबंधन सहयोगियों के बीच फिर से साथ आने की दिशा में बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। ओपी राजभर ने उत्तर प्रदेश का पिछला विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में लड़ा था। हालांकि बाद में वह गठबंधन से अलग हो गए थे। इसके बाद उनका भाजपा के प्रति रुख नरम होता गया।बीते कुछ माह से राजभर खुले मंच से समाजवादी पार्टी पर निशाना साध रहे हैं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ कर रहे हैं। सरकार ने भी उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करा दी है। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि एक बार फिर से दोनों पार्टियां साथ आ सकती हैं। राजभर की पार्टी ने वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव भाजपा के ही साथ मिलकर लड़ा था। सरकार बनने पर ओमप्रकाश राजभर को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था, लेकिन बाद में राजभर ने गठबंधन से नाता तोड़ लिया था।


वही सायंकाल तक आशीर्वाद देने के लिए सपा नेता रामगोविंद चौधरी, जफराबाद विधायक जगदीश नारायण राय, पिंडरा विधायक डॉ अवधेश सिंह, जंगीपुर विधायक वीरेंद्र यादव, विधायक मनु अंसारी, एमएलसी राजदेव समेत अनेक जिलों के विभिन्न पार्टी के जिलाध्यक्ष, नगर निगम व नगर निकाय के चेयरमैन समेत सैकड़ो गणमान्य लोगों का तांता लगा रहा।

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