बच्चों को कृमि से मुक्त करने के लिए सीएमओ के सभागार में हुआ कार्यशाला का आयोजन

Estimated read time 1 min read
Spread the love

राजेश गुप्ता

मऊ/संसद वाणी : जनपद में 01 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस अभियान में जिले के एक से 19 साल के 12.29 लाख बालक-बालिकाओं को कृमि से मुक्ति (पेट के कीड़े निकालने) के लिए एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। इसको लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें जनपद के सभी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नन्द कुमार ने बताया कि जनपद में 01 फरवरी को जनपद के समस्त सरकारी एवम गैर सरकारी स्कूल-कॉलेज, मदरसा और कुल 2585 आंगनबाड़ी केंद्रों में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इसके बाद 05 फरवरी को मॉपअप राउंड आयोजित होगा। 12.29 लाख बालक-बालिकाओं को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे हरहाल में प्राप्त किया जाएगा।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवम कार्यक्रम नोडल डा बीके यादव ने बताया कि कृमि संक्रमण के लक्षण निम्न लिखित है। गंभीर कृमि संक्रमण से कई लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं जैसे दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख न लगना।
बच्चे के पेट में कीड़े की मात्रा जितनी अधिक होगी, संक्रमित व्यक्ति के लक्षण उतने ही अधिक होंगे।
हल्के संक्रमण वाले बच्चों में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं दिखते हैं।
कृमि मुक्ति के फायदे स्वास्थ्य और पोषण में सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, एनीमिया नियंत्रण,सीखने की क्षमता और कक्षा में उपस्थिति में सुधार।

दवा खाने का तरीका-:

एक से दो साल के बच्चों को आधी गोली अच्छी तरह से चूरा करके पानी में मिलाकर खिलाएं। दो से तीन साल के बच्चों को एक पूरी गोली चूरा करके पानी के साथ खिलाएं।
तीन से 19 साल के बालक – बालिकाओं को एक पूरी गोली चबाकर खानी होगी।
राष्ट्रीय स्वाथ्य मिशन के जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक संतोष सिंह ने बताया कि एक से पांच साल तक के सभी पंजीकृत बच्चों को, 6 से 19 साल तक के स्कूल न जाने वाले सभी बालक-बालिकाओं एवं ईंट-भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिक व घुमंतू लाभार्थियों को आंगनबाड़ी केंद्र पर दवा खिलाई जाएगी। जबकि 6 से 19 तक के सभी छात्र-छात्राओं को सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों में शिक्षकों के माध्यम से दवा खिलाई जाएगी।
आरबीएसके डीईआईसी प्रबंधक अरविन्द वर्मा एवम एविडेंस एक्शन के जिला समन्वयक प्रकाश भूषण ने बताया कि इसके लिए जिले की टीमों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभियान में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना है विभाग का उद्देश्य है।
इस कार्यशाला में डीपीएम रविंद्रनाथ, एआरओ सुनील सिंह, एचईओ यूसुफ शाह, एनडीडी से दुर्गा के साथ समस्त ब्लॉक से चिकित्सा अधीक्षक, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, बीसीपीएम, शिक्षा विभाग से बीईओ, आईसीडीएस विभाग से समस्त सीडीपीओ मौजूद रहे।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours