प्रभागीय वन अधिकारी के नेतृत्व में तमसा तट के गाय घाट पर कराया गया योगाभ्यास

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मऊ/संसद वाणी : राज्य स्वच्छ गंगा मिशन उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशानुसार विश्व योग दिवस जनपद के तमसा नदी के तट के गायघाट पर आरती, स्वच्छता अभियान, योगाभ्यास, वृक्षारोपण, महिला सशक्तिकरण के लिए योग का कार्यक्रम किया गया। उन्होंने ने बताया कि दशम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सप्ताह 15 जून से 21 जून तक चलाया जा रहे के क्रम में आज तमसा नदी के तट पर प्रभागीय वन अधिकारी पी.के. पाण्डेय के नेतृत्व में योगाभ्यास किया गया, तथा तमसा नदी के किनारे पौधारोपण, स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई किया गया।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार तथा राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से योगाभ्यास है। स्वयं और समाज के लिए योग सप्ताह 15 जून से 21 जून तक निरंतर चलाया जा रहा है। विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कल दिनांक 21 जून 2024 को जनपद के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट स्टेडियम में प्रातः 6:00 से कराया जाएगा। जिसमें जनपद के विद्यालयों के छात्र एवं छात्राएं, कार्यालयों के अधिकारी/कर्मचारी तथा जनपदवासी एवं आम नागरिक प्रतिभा कर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने में सहयोग करें।


कार्यक्रम के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक, रोटरी क्लब के सदस्य प्रदीप कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दिनेश कुमार, योग टीचर सहित काफी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

काशी में एक लाख से अधिक लोग करेंगे योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर नटराज की नगरी काशी दुनिया को निरोग रहने का देगी संदेश

श्री काशी विश्वनाथ धाम, गांवों से लेकर शहर तक शुक्रवार को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

काशी के अर्द्धचन्द्राकार घाटों पर भी देखने को मिलेगी योग की आभा

आदि योगी के आंगन श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में योग दिवस का होगा मुख्य कार्यक्रम होगा, सभी आलाधिकारी करेंगे योग

वाराणसी/संसद वाणी नटराज की नगरी काशी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया को निरोग रहने का संदेश देगी। श्री काशी विश्वनाथ धाम से लगायत वाराणसी के गांवों और गॉव से शहर तक 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। काशी के अर्द्धचन्द्राकार घाटों पर भी योग की आभा देखने को मिलेगी। योग दिवस पर बाबा के दरबार में जिला प्रशासन की ओर से मुख्य आयोजन किया जायेगा। यहां मुख्य अतिथि के रूप में योगी सरकार के काबीना मंत्री एके शर्मा मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर वाराणसी में एक लाख से अधिक लोग योग करेंगे।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में होगा मुख्य कार्यक्रम


मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम होगा। यहाँ प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, जनप्रतिनिधि समेत सभी आलाधिकारी योग करेंगे। आदि योगी के आंगन में लगभग 1000 लोग योग करेंगे। इसके अलावा लगभग सभी घाटों समेत 50 स्थानों पर वॉलंटरी ऑर्गेनाइजेशन और एनजीओ मिलकर 25000 लोगों के साथ योग करेंगे। 694 ग्राम पंचायतों में 69400 लोग, 8 ब्लॉक में 4000 लोग, नगर निगम के करीब 100 पार्क में 20,000 लोग योग करेंगे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ऋषि मुनियों की प्रचीन विद्या योग को विश्व पटल पर लाया है। अब दसवे अंतरराष्ट्रीयय योग दिवस पर नरेंन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से 21 जून को योग की बड़ी तस्वीर दुनिया देखेगी। विश्वनाथ के आंगन में कार्यक्रम होगा तो इसका संदेश भी विश्व में जाएगा और लोग निरोगी काया के लिए योग को जीवन का अंग बनाएंगे।

नगर निगम के अधिकारी मय फोर्स पहुंचे तो वहां अफरातपरी का माहौल हो गया।

वाराणसी/संसद वाणी :करौंदी महिला पॉलिटेक्निक के पास नगर निगम के अधिकारी मय फोर्स जब पहुंचे तो वहां अफरातपरी का माहौल हो गया।
लोग तरह-तरह की बातें करने लगे स्थानीय लोगों ने नगर निगम अधिकारियों पर आरोप लगाया वह नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि यहां हम लोगों की जमीन है और स्थानीय लोग उसे पर काबिज हो रहे हैं उसी को छुड़ाने हम लोग आए हुए हैं ।

वहीं लेखपाल विनय कुमार पांडे ने बताया कि 1561 पूरी बंजर जमीन है और इस पर स्थानीय लोग काबिज हो रहे हैं उसी को रोकने के लिए हम लोग आए हुए हैं आगे उन्होंने बताया कि 1561 बंजर जमीन है जिस पर फर्जी तरीके से इन लोगों ने अपना नाम चढ़ावा कर क्रय किया है खतौनी में लोगों का नाम नहीं है जब तक खतौनी में इन लोगों का नाम नहीं आएगा तब तक उनकी जमीन नहीं होगी जो भी रजिस्ट्री इन लोगों का हुआ है वह टोटल गलत हुआ है इस जमीन पर हाई कोर्ट में मुकदमा भी दायर है यहां नगर निगम की जमीन पर पहले से ही बोर्ड लगाया जा चुका है इस बाउंड्री को 2012 में ही तोड़ने का आदेश मिला था पर विवाद होने के कारण यह अभी तक तोड़ा नहीं जा सका है।

नगर निगम के दूसरे अधिकारियों से बात करने पर उन्होंने बताया कि अभी तक सीमांकन नहीं हो पाया है और यह नगर निगम की संपत्ति है इस पर कोई निर्माण नहीं हो सकता आगे पूछे जाने पर की अभी सीमांकन नहीं हुआ है आपने कैसे सिद्ध कर दिया कि यह नगर निगम की संपत्ति है तो निगम के अधिकारी ने बोला कि यह लोग अपना नापी करवा कर सीमांकन करवा ले हम लोग कल जाकर यहां अपनी जमीन को चिन्हित कर सीमांकन करेंगे आगे पूछे जाने पर अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके।

वही भुक्तभोगी पवन कुमार मिश्रा ने बताया कि कुछ नगर निगम के कर्मचारी अवैध तरीके से हमारे कामों को रोक रहे हैं यह लोग अपनी जमीन को बगैर नापे हमें अपने जमीन पर काम करने से मना कर रहे हैं जीस रकबे में मेरा काम चल रहा है वहां और भी पुराने मकान बने हुए हैं परंतु वहां यह कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं वही जब हमने अपने जमीन पर मकान बनाना शुरू किया तो नगर निगम के अधिकारी हमें परेशान कर रहे हैं वही आगे बात करने पर उन्होंने बताया कि काम रोकने की बजाय यह अपनी नापी करवा ले जहां तक उनकी जमीन है यह उसको घेर ले।

बिजली के खम्भे में उतरा करंट तीन कुत्तों की हुई मौत

खम्भे में उतर रहे करेंट से हो सकती थी कोई बड़ी घटना

चोलापुर/संसद वाणी
चोलापुर क्षेत्र के ग्राम सभा सुआरी में रोड किनारे लगे लोहे के खम्बे में उतरे करंट की चपेट में आने से तीन घुमंतु कुत्तों की मौत हो गई । प्राप्त जानकारी के अनुसार सुआरी ग्राम स्थित वाराणसी आजमगढ़ मार्ग किनारे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल हेतु लोहे के विद्युत पोल लगे है ।

बुधवार को हुई बरसात की वजह से खम्बे में उतर रहे करंट की चपेट में आने से तीन घुमंतु कुत्तों की मौत हो गई घटना की सूचना स्थानीय लोगों के द्वारा विद्युत वितरण उपखंड चोलापुर को दी गई । विद्युत सप्लाई बन्द कर विद्युत पोल के आस पास लगे हरे पेड़ की टहनियों को काट कर विद्युत आपूर्ति बहाल की गई ।


स्थानीय लोगों ने बताया कि घर के दरवाजे पर लगे विद्युत पोल में करंट उतरने से और भी बड़ी घटना हो सकती थी राहगीर भी विद्युत पोल के चपेट में आ सकते थे संयोग अच्छा रहा कि समय रहते जानकारी हो जाने पर बिजली कर्मियों द्वारा विद्युत आपूर्ति काट कर सुधार कर लिया गया

क्रिमिनल के साथ पावागढ़ के काली मंदिर में दर्शन करने पहुंची पुलिस, चकमा देकर भागा आरोपी

Crime News: मध्य प्रदेश पुलिस एक केस की हियरिंग में आरोपी को पेश करने के लिए गुजरात के हलोल कोर्ट पहुंची थी. हियरिंग खत्म होने के बाद पुलिसकर्मी आरोपी के साथ पावागढ़ के काली मंदिर में दर्शन करने गए. दर्शन करने के लिए सभी रोपवे पर जा रहे थे तभी आरोपी गायब हो गए. आरोपी के गायब होने के बाद पुलिस वालों ने उसे खूब तलाशा लेकिन वह मिला नहीं. आरोपी के खिलाफ पावागढ़ पुलिस ने शिकायत दर्ज करके खोजबीन शुरू कर दी है. 

Crime News: पुलिस की लापरवाही के चलते एक आरोपी भाग गया. दरअसल, पुलिसकर्मी आरोपी के साथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे. इसी बीच आरोपी मौका पाकर भीड़ में भाग गया. पुलिसवालों ने उसका पीछा भी किया लेकिन वह उसे पकड़ नहीं पाए. पुलिस वाले पावागढ़ के काली मंदिर में दर्शन करने पहुंची थी. नियम के अनुसार पुलिस को सुनवाई के लिए अदालत में लाए गए किसी भी विचाराधीन कैदी को सीधे जेल या पुलिस थाने ले जाना चाहिए.

पुलिस वाले अदालत में पेश करने मध्य प्रदेश से गुजरात लाए गए आरोपी के साथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे. इसी बीच आरोपी वहां से फरार हो गया. मंदसौर पुलिस थाने की पुलिस एक आरोपी को हलोल कोर्ट में पेश करने के लिए गुजरात लाए थे.

पुलिस को चकमा देकर भागा आरोपी

आरोपी का नाम दर्शन जाट है. मंदिर में पूजा के लिए जाते वक्त सही समय पाकर आरोपी भीड़ में गुम हो गया. चारों पुलिसकर्मियों ने उसे खूब खोजा लेकिन वह लापता हो गया.

पावागढ़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करके उसकी खोज शुरू कर दी है. चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी डिसीप्लिनरी एक्शन लिया जा जा सकता है.

ड्रग ट्रैफिकिंग और हत्या का मुकदमा

दर्शन जाट को 2022 में राजगढ़ पुलिस ने पंचमहल जिले से साल 2022 में ड्रग ट्रैफिकिंग के केस में गिरफ्तार किया था. उसे इस केस में वांटेड भी घोषित किया गया था. कुछ समय पहले उस मध्य प्रदेश पुलिस ने हत्या से जुड़े एक केस में गिरफ्तार किया था.

मंदसौर पुलिस स्टेशन के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह पवार बताया कि कोर्ट में हियरिंग खत्म होने के बाद चारों पुलिसकर्मी पावागढ़ के काली मंदिर में आशीर्वाद लेने का निश्चय किया था. उनके साथ आरोपी दर्शन जाट भी मौजूद था.   

UP में खोई जमीन पाने के लिए बीजेपी में मंथन शुरू! इन फैक्टर्स पर रहेगा ध्यान

लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में मिली करारी हार बीजेपी के गले नहीं उतर रही है. चुनाव के दौरान जिस यूपी को लेकर बीजेपी पूरी तरह से आश्वस्त नजर आ रही थी वहां वह मात्र 33 सीटों पर सिमट गई जबकि पिछले लोकसभा चुनाव में उसे 62 सीटों पर जीत मिली थी. पीएम मोदी भी मात्र डेढ़ लाख वोटों के अंतर से ही चुनाव जीत सके.

लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अपने बेहद खराब प्रदर्शन को लेकर बीजेपी में मंथन शुरू हो गया है. 2019 में 62 सीटों पर जीतने वाली भाजपा इस बार मात्र 33 सीटों पर ही सिमट गई. उसका वोट शेयर भी 49.98% से गिरकर 41.37% रह गया.

प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी से इस बार मात्र डेढ़ लाख वोटों से ही चुनाव जीत सके. लखनऊ से राजनाथ सिंह की जीत के मार्जिन में भी 2019 के मुकाबले गिरावट दर्ज हुई. उत्तर प्रदेश में पार्टी का ऐसा हश्र क्यों हुआ? इसके कारणों का पता लगाने के लिए बीजेपी ने अपने वरिष्ठ नेताओं  को जिम्मेदारी सौंप दी है. इन नेताओं को हर एक लोकसभा क्षेत्र में जाने और हार के कारणों का पता लगाने को कहा गया है. इन नेताओं को 25 जून तक अपनी रिव्यू रिपोर्ट पार्टी को सौंपनी है. 

रिव्यू प्रोसेस के दौरान जिन सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की जाएगी उनकी लिस्ट इस प्रकार है… 

जमीन पर पार्टी कार्यकर्ता कितने सक्रिय थे?

क्या सरकार, केंद्र या राज्य के फैसलों ने नुकसान में भूमिका निभाई?

रणनीति की विफलताएं क्या थीं?

उम्मीदवार जनता से कितने अच्छे से जुड़े हुए थे?

पार्टी नेताओं का अपनी जाति और समुदाय के लोगों के बीच क्या आना-जाना था?

एक समुदाय के मतदाता पार्टी से दूर क्यों हो गए?

हिंदू मतदाता जातिगत आधार पर क्यों बंट गए?

प्रचार सामग्री का उपयोग कितने प्रभावी ढंग से किया गया?

क्या संसाधन उपलब्ध थे?

संगठन और प्रत्याशियों के बीच कैसा समन्वय रहा?

नेताओं की यात्राओं का विभिन्न समुदायों पर क्या प्रभाव पड़ा?

बूथ मैनेजमेंट कैसा रहा?

विधानसभा क्षेत्रों में वोट शेयर में क्या गिरावट आई और विपक्ष को कैसे फायदा हुआ?

विपक्षी दलों ने बीजेपी के खिलाफ क्या कहानी गढ़ी?

जमीन पर विपक्षी उम्मीदवारों की गतिविधि क्या थी और उन्होंने अपने अभियान में किन संसाधनों का उपयोग किया?

अभियान पर संविधान और आरक्षण के मुद्दों का क्या प्रभाव पड़ा?

जमीनी दौरों के दौरान भाजपा नेता मंडल इकाई के नेताओं, जिला पदाधिकारियों, पार्टी के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों और उम्मीदवारों से इन बिंदुओं पर फीडबैक एकत्र करेंगे. इसके अलावा भाजपा नेता यह भी जानकारी एकत्र करेंगे कि विपक्षी उम्मीदवारों ने क्या किया मसलन उन्होंने कैसे प्रचार किया और उनके पास क्या संसाधन थे.

यूपी में 2027 में विधानसभा का चुनाव

पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि हमें 2027 में यूपी में विधानसभा का चुनाव लड़ना है और इन सवालों के जवाब हमें इस चुनाव में मदद करेंगे. उन्होंने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था ठीक है लेकिन पेपर लीक और बेरोजगारी चिता के विषय हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद सपा उत्साहित है, उन्होंने हमारी रणनीतिक खामियों का फायदा उठाया इसलिए हमें 2027 चुनाव की पहले से ही तैयारी करनी होगी ताकि हम भाजपा से दूर चले गए वोटर को वापस ला सकें.

इसी कंपनी ने लीक किए थे यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर, कंपनी के खिलाफ हुई कार्रवाई 

यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा लीक मामले में चौंकाने वाले खुलासे के बाद प्रदेश सरकार ने एजुटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया है. यह वही कंपनी है जिसे इस परीक्षा को कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. मामले की जांच कर रही एसटीएफ का दावा है कि कंपनी के प्रबंध निदेशक विनीत आर्या कानूनी सजा से बचने के लिए विदेश भाग गया है और इस वक्त अमेरिका में रह रहा है.

UP Police Constable Recruitment Exam: उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. सिपाही भर्ती परीक्षा कराने वाली कंपनी एजुटेस्ट को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है. दरअसल, एसटीएफ को अपनी जांच में कंपनी की लापरवाही के सबूत मिले हैं. वहीं कई नोटिस के बाद भी कंपनी के प्रबंध निदेशक विनीत आर्या ने एसटीएफ के समक्ष अपना बयान दर्ज नहीं कराया है. बताया जा रहा है कि विनीत आर्या इस वक्त अमेरिका में है. जया आर्या भी इस कंपनी की निदेशक हैं हालांकि उनके बारे में सटीक जानकारी सामने नहीं आई है कि वह विनीत आर्या की पत्नी हैं या बहन.

क्या करती है कंपनी 

एजुटेस्ट कंपनी की स्थापना साल 1982 में हुई थी. कंपनी की प्रोफाइल के अनुसार, वह पूरे भारत में पेपर-पेंसिल परीक्षा कराने के लिए समाधान मुहैया कराने का दावा करती है. कंपनी के पूरे भारत में 100 से अधिक ग्राहक हैं.

अब तक यह कंपनी 1600 से अधिक ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे चुकी है और अब तक 85 करोड़ परीक्षाएं करा चुकी है. कंपनी का दावा है कि वह हर साल विभिन्न क्षेत्रों की 5 करोड़ परीक्षाएं आयोजित करती है. वर्तमान में कंपनी के 201-500 कर्मचारी हैं. कंपनी का मुख्यालय गुजरात के अहमदाबाद में है.

6 महीने के भीतर दोबारा होगी परीक्षा

पेपर लीक होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 महीने के भीतर पेपर दोबारा करवाने के निर्देश दिये थे. ऐसे में अब जल्द ही दोबारा उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा की डेट जारी की जा सकती है. जानकारी के मुताबिक, भर्ती बोर्ड ने पुलिस कप्तानों से परीक्षा सामग्री रखे जाने वाले कोषागार की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट मांगी है और पूछा है कि आपके कोषागार कितने सुरक्षित हैं. भर्ती बोर्ड इस बार परीक्षा को लेकर किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहता है. गौरतलब है कि 60244 सिपाहियों की भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी.

जहां कम हुई गरीबी वहां घटीं बीजेपी की सीट, कांग्रेस की सीट हो गईं डबल

लोकसभा चुनाव को लेकर एक बेहद ही रोचक आंकड़ा सामने आया है. जिन लोकसभा सीटों पर गरीबी कम हुई वहां बीजेपी को झटका लगा जबकि उन क्षेत्रों में कांग्रेस की सीटें डबल हो गईं. वहीं दूसरी तरफ जिन सीटों पर गरीबी बढ़ी वहां बीजेपी के खाते में पिछली बार से दो सीटें ज्यादा गईं.

लोकसभा सीटों पर गरीबी कम हुई वहां बीजेपी को झटका, कांग्रेस की सीटें हुए डबल

लोकसभा चुनाव को लेकर एक बेहद ही रोचक आंकड़ा सामने आया है. जिन लोकसभा सीटों पर गरीबी कम हुई वहां बीजेपी को झटका लगा जबकि उन क्षेत्रों में कांग्रेस की सीटें डबल हो गईं. वहीं दूसरी तरफ जिन सीटों पर गरीबी बढ़ी वहां बीजेपी के खाते में पिछली बार से दो सीटें ज्यादा गईं.

 Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सत्ताधारी भाजपा ने देश से गरीबी हटाने के मुद्दे को जोर शोर से उठाया था लेकिन मजे की बात ये है कि 2015-16 के दौरान जिन लोकसभा क्षेत्रों में गरीब लोगों की आबादी में कमी आई, वहां बीजेपी की सीटों में कमी आई जबकि कांग्रेस की सीटें दोगुनी हो गईं.

आंकड़ों के अनुसार 2015-16 के बीच 517 लोकसभा क्षेत्रों में गरीबी कम हुई है लेकिन बीजेपी को इन 517 में से 232 सीटें पर जीत मिली जबकि 2019 में बीजेपी ने इनमें से 295 सीटें जीती थीं. वहीं दूसरी तरफ इन क्षेत्रों में कांग्रेस की सीटें 2019 के 42 के मुकाबले 2024 में 92 हो गईं. एनडीए ने ऐसी 282 जबकि इंडिया गठबंधन ने 226 सीटों पर जीत हासिल की.

दो दशक में 25 करोड़ लोग बहुयायामी गरीबी से बाहर आए

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर शोर से इस बात का बखान किया था कि पिछले एक दशक में उनके कार्यकाल में 25 करोड़ लोग बहुयायामी गरीबी से बाहर आए हैं. नीति आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट में यह बात कही थी. नीति आयोग ने हर पांच साल में होने वाले राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के डेटा का हवाला देते हुए ये बात कही थी लेकिन चुनावों में मोदी सरकार को इसका फायदा नहीं मिला. जहां गरीबी कम हुई उनमें से 63 सीटों पर बीजेपी हार गई. बहुआयामी गरीबी में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन के स्तर में तीव्र अभाव को मापा जाता है.

इन 517 लोकसभा क्षेत्रों में से 314 लोकसभा क्षेत्रों के लोगों ने इस बार भी समान पार्टी को वोट किया जबकि 203 सीटों के लोगों ने इस बार अन्य पार्टी को वोट किया.  

इनमें से जिन 295 सीटों में से बीजेपी ने 2019 में जीत हासिल की थी, इस बार वह 295 में से 201 सीटें जीतने में कामयाब रही. जिन सीटों पर बीजेपी हारी उनमें से सबसे ज्यादा 42 सीटें कांग्रेस ने जीतीं, इसके बाद समाजवादी पार्टी ने 24, टीएमसी ने 8, एनसीपी (एसपी) ने 6, आरजेडी  और लेफ्ट ने 1-1 सीट जीतीं.

जहां बढ़ी गरीबी वहां बीजेपी को मिली बढ़त

वहीं दूसरी तरफ जिन 26 सीटों पर 2015-16 और 2019-21 के बीच गरीबी बढ़ी, उनमें से केवल 6 सीटों पर लोगों ने इस बार अन्य पार्टी को वोट दिया बाकी सीटों पर वही पार्टी जीती जिसने 2019 में जीत हासिल की थी.

हालांकि इन सीटों में से केवल 7 सीटें ऐसी थीं जहां गरीबी 1 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी. शिलांग में गरीबी 6.01 प्रतिशत, बिहार के पटना साहिब में गरीबी 4.52 प्रतिशत बढ़ी.

इन 26 सीटों में से बीजेपी के खाते में 9 (पिछली बार से दो ज्यादा), कांग्रेस के खाते में 7, टीएमसी के खाते में 3 सीटें गईं. इन 26 सीटों में से एनडीए ने कुल 11 और इंडिया ब्लॉक ने 14 सीटें जीतीं.

इनमें से केवल 6 सीटें ऐसी थीं जहां की आधी से अधिक आबादी बहुआयामी गरीबी का सामना कर रही है, इनमें तीन बिहार, दो उत्तर प्रदेश और एक झारखंड की सीट शामिल है. इनमें से 5 सीटों पर लोगों ने उसी पार्टी को सुना जिसे उन्होंने 2019 में चुना था, केवल यूपी की श्रावस्ती सीट बीएसपी से झिटककर सपा के पास चली गई

सीएम अरविंद केजरीवाल को कोर्ट ने दी जमानत, जानें कब आएंगे जेल से बाहर?

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में जेल में बंद सीएम अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी है. कोर्ट ने उन्हें 1 लाख रुपये के जमानत बांड पर जमानत दी.

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में जेल में बंद सीएम अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी है. कोर्ट ने उन्हें  1 लाख रुपये के जमानत बांड पर जमानत दी.

नीट की परीक्षा में हुई भारी धांधली के खिलाफ समाजवादियों ने शास्त्री घाट पर सांकेतिक धरना दिया।

वाराणसी/संसद वाणी : नीट की परीक्षा में हुई भारी धांधली के खिलाफ समाजवादियों ने शास्त्री घाट पर सांकेतिक धरना दिया। धरने में मौजूद समाजवादियों ने 2 घंटे के धरने के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने बताया समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर पूरे उत्तर प्रदेश में आज धरना दिया जा रहा है और सांसद चंदौली वीरेन्द्र सिंह को ज्ञापन सौंपा गया और मांग किया गया की यह मुद्दा सदन में उठाया जाए। सांसद वीरेन्द्र सिंह ने बताया जिस तरीके से नीट परीक्षाओं में धांधली हुई है परीक्षा लीक हुई है उससे सरकार की मंशा पर सवाल उठना लाजिमी है। गुजरात माडल यही है जहां पेपर लीक करवाकर चारों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा सरकार वीक है इसलिए पेपर लीक है। छात्र नौजवान इस सरकार के रवैए से नाखुश दिख रहे हैं । धरना में प्रमुख रूप से सत्यप्रकाश सोनकर, वरुण सिंह, राजू यादव, विष्णु शर्मा, संजय यादव, उमाकांत सिंह गुड्डू , संदीप मिश्रा, विकास यादव बच्चा, प्रदीप मौर्या, रोहित शर्मा, पार्वती कन्नौजिया, इरशाद अहमद, शिव कुमार सिंह, रवि यदुवंशी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।