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मुंबई | संसद वाणी
मालवणी स्थित ओम सिद्धिविनायक सोसायटी में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 15 वर्षों से निष्क्रिय पड़े वॉटर टैंक पर सीमेंट की छत बनाकर उसका उपयोग कार्यक्रमों के लिए किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस पूरे मामले को लेकर म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस वॉटर टैंक पर बनाए गए प्लेटफॉर्म पर कार्यक्रमों के दौरान 30 से 40 लोग एक साथ खड़े होते हैं और यहां तक कि डांस जैसी गतिविधियां भी होती हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अनुमति पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस निर्माण के लिए म्हाडा की अनुमति ली गई थी?
यदि अनुमति दी गई है, तो संबंधित अधिकारी से मांग की जा रही है कि वह सार्वजनिक रूप से इसकी जानकारी साझा करें।
पहले से मौजूद गार्डन के बावजूद नया निर्माण क्यों?
निवासियों का कहना है कि म्हाडा द्वारा सोसायटी को पहले से ही एक बड़ा गार्डन उपलब्ध कराया गया है। इसके बावजूद बिल्डिंग 1E के सचिव द्वारा अलग से गार्डन निर्माण की आवश्यकता क्यों पड़ी, यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता
जिस वॉटर टैंक पर यह सीमेंट की छत बनाई गई है, उसकी संरचना को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भविष्य में यह ढांचा टूटता है और कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
निवासियों का आरोप है कि म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे इस पूरे मामले में निष्क्रिय बने हुए हैं। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत और सवाल उठाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
लोगों में यह भी चर्चा है कि अवैध कार्यों के खिलाफ कार्रवाई न होने से गलत प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं:
- क्या वॉटर टैंक पर सीमेंट की छत बनाने की अनुमति म्हाडा द्वारा दी गई थी? यदि हां, तो उसका दस्तावेज सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?
- जब सोसायटी को पहले से ही बड़ा गार्डन उपलब्ध है, तो अलग से नया गार्डन बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- क्या इस तरह के निर्माण की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच की गई है?
- वॉटर टैंक पर 30–40 लोगों के एक साथ खड़े होने और कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति किस आधार पर दी गई?
- यदि भविष्य में कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
संसद वाणी स्पष्ट करता है कि जब तक इन सभी सवालों का जवाब नहीं मिलता और नियमों के अनुसार कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह मुद्दा लगातार उठाया जाता रहेगा और संबंधित अधिकारी रोहित शिंदे से जवाब मांगा जाता रहेगा।