24 जनवरी 2026
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) — शुक्रवार को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर प्रयागराज के माघ मेले के दौरान ऐतिहासिक भीड़ उमड़ी, जिसमें लगभग 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती) में पवित्र स्नान किया। यह संख्या आम आस्था के उत्साह और प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक इंतजामों को दर्शाती है।
आस्था का महाकुंभ जैसा नजारा
हजारों श्रद्धालु सुबह से ही संगम तट पर पहुंचे और सुबह से शाम तक लगातार डुबकी लगाते रहे। यह वर्ष का चौथा प्रमुख स्नान पर्व था और अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु माघ मेले में पवित्र जल में स्नान कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि संगम में स्नान करने का यह अवसर सभी के लिए मंगलमय हो।
प्रशासनिक व्यवस्थाएँ
- मेला प्रशासन ने भीड़ एवं यातायात प्रबंधन के लिए विशेष प्लान बनाए।
- 10,000+ पुलिसकर्मी सुरक्षा एवं व्यवस्था हेतु तैनात रहे।
- 42 अस्थायी पार्किंग क्षेत्र और आसान आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाए गए।
- अतिरिक्त 22 मेला विशेष ट्रेनें चलाई गईं, ताकि उत्तर भारत के अलावा अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम रहे।
धार्मिक व सांस्कृतिक महत्त्व
बसंत पंचमी को ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती का पर्व माना जाता है। श्रद्धालु पीले वस्त्र पहनकर पूजा-अर्चना करते हैं तथा नदी में स्नान कर पुण्य की कामना करते हैं।
अन्य प्रमुख घटनाएँ
इस वर्ष कुछ संतों ने प्रशासनिक विवादों के कारण स्नान नहीं किया, जबकि कई अखाड़ों और संतों ने बड़ी संख्या में संगम में डुबकी लगाई।