Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईद के एक बड़े आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “सबसे बड़ा घुसपैठिया” बताते हुए निशाना साधा. यह बयान वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR) मुद्दे पर केंद्रित था, जहां उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार पर घुसपैठ के आरोप लगाए. भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने तुरंत पलटवार किया, ममता को संवैधानिक पद के अयोग्य ठहराया.
बयान का पूरा विवरण
ईद के रेड रोड आयोजन में ममता बनर्जी ने कहा, “आप फिर नाम हटाने और लोगों को घुसपैठिया करार देने की बात करते हैं। मैं कहूंगी कि आप और आपकी सरकार सबसे बड़ी घुसपैठ करने वाले हैं।” यह टिप्पणी बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आई, जहां SIR से घुसपैठियों के नाम हटाने का मुद्दा गरमाया हुआ है. ममता ने चेतावनी दी कि राज्य को निशाना बनाने वालों को नरक का रास्ता मिलेगा.
शुभेंदु अधिकारी का जवाब
नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार में कहा, “जो कोई भी देश के प्रधानमंत्री को घुसपैठिया कहता है, उसे संवैधानिक पद पर रहने का अधिकार नहीं। उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है, उन्हें रांची जाना चाहिए।” उन्होंने ममता के 15 साल के शासन को विफल बताते हुए चुनाव को विकास, महिला सुरक्षा और घुसपैठियों को बाहर करने के मुद्दे पर लड़ने की बात कही. यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह विवाद बंगाल चुनावी माहौल में TMC-BJP के बीच तीखी टकराव को दर्शाता है। ममता लगातार भाजपा पर घुसपैठ के नाम पर हिंदू-मुस्लिम विभाजन का आरोप लगा रही हैं, जबकि शुभेंदु SIR को समर्थन दे रहे हैं। महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस ने भी ममता पर चुनावी दबाव का आरोप लगाया।
पहलू
ममता बनर्जी (TMC)
शुभेंदु अधिकारी (BJP)
मुख्य आरोप
PM मोदी सबसे बड़ा घुसपैठिया
ममता संवैधानिक पद के अयोग्य
मुद्दा
SIR से चुनाव प्रभावित
घुसपैठियों के नाम हटाना जरूरी
चुनाव फोकस
एकता और विकास
सुरक्षा और घुसपैठ रोकथाम
यह घटना बंगाल की सियासत को और गरमा देगी, क्योंकि चुनाव नजदीक आ रहे हैं।