दिनांक: 21 जनवरी 2026
मुंबई/नई दिल्ली — भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (RIL) के शेयरों में जनवरी 2026 के महीने में एक दुर्लभ और तेज़ गिरावट देखने को मिली है, जो हाल के कई वर्षों में किसी जनवरी में सबसे अधिक गिरावट के रूप में दर्ज की जा रही है।
बुधवार, 21 जनवरी 2026 को शेयर बाजार में निवेशकों की बेचैनी और कमजोर तिमाही नतीजों के बीच रिलायंस के शेयर लगभग 10% तक नीचे आ गए — यह गिरावट 2011 के बाद किसी जनवरी में सबसे बड़ी है।
क्यों गिरा शेयर?
विश्लेषकों और बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक मुख्य कारण हैं:
- तिमाही Q3 FY26 के कमज़ोर परिणाम, विशेष रूप से रिटेल व्यवसाय की धीमी वृद्धि।
- निवेशकों में बढ़ती बेचैनी और व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव।
- देश-विदेश के आर्थिक चिंता के बीच शेयरों पर दबाव।
बीते सप्ताह में रिलायंस के शेयर लगभग 12.5% तक गिर गए, जिससे कंपनी के बाजार मूल्य में भारी कमी दर्ज हुई है।
बाजार पर व्यापक असर
यह गिरावट न सिर्फ रिलायंस की शेयर कीमतों में दिखी, बल्कि भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी पर भी दबाव बना रहा है। सेंसेक्स 270 से 324 अंकों तक लुढ़क गया और निफ्टी भी कमजोर रहा।
विश्लेषकों की राय
हालांकि शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है, कई वित्तीय विश्लेषक इसे लंबी अवधि में निवेश का अवसर भी मान रहे हैं, खासकर जियो प्लेटफॉर्म्स के संभावित IPO को ध्यान में रखते हुए।
कुल मिलाकर, निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे तात्कालिक उतार-चढ़ाव को समझें और लंबी अवधि के दृष्टिकोण से निर्णय लें क्योंकि रिलायंस के कई व्यवसाय क्षेत्रों में अभी भी विकास की संभावना बनी हुई है।