लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत को उजागर करने वाली भारत के प्राचीन सिक्के विषयक एक महत्वपूर्ण पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन सिक्के केवल लेन–देन का माध्यम नहीं, बल्कि भारत के इतिहास, राजवंशों, कला, धर्म और व्यापारिक संबंधों के सजीव प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह कृति विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और संग्रहकर्ताओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्राचीन सिक्कों के माध्यम से विभिन्न कालखंडों की राजनीतिक स्थिति, सामाजिक संरचना और आर्थिक गतिविधियों की गहरी समझ मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत का मुद्राशास्त्र (Numismatics) विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। मौर्य, गुप्त, कुषाण, सातवाहन और मध्यकालीन भारतीय शासकों के सिक्के उस दौर की उन्नत धातु-कला, प्रतीकात्मकता और प्रशासनिक व्यवस्था को दर्शाते हैं।
पुस्तक में दुर्लभ सिक्कों के चित्र, उनका ऐतिहासिक संदर्भ, धातु संरचना और समय-काल का विस्तृत वर्णन किया गया है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रयास देश की युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने में सहायक होंगे और इतिहास के संरक्षण को नई दिशा देंगे।