रविदास घाट पर आतंकी हमले की मॉक ड्रिल सफल, घाटों पर हाई अलर्ट मोड में सुरक्षा बल तैनात

0
33
  • — प्रह्लाद पांडेय की रिपोर्ट

वाराणसी/संसद वाणी। काशी के ऐतिहासिक रविदास घाट पर गुरुवार शाम आतंकवाद निरोधक मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। खुफिया इनपुट के आधार पर संभावित आतंकी हमले को रोकने और सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखने के उद्देश्य से यह अभ्यास किया गया।

इस संयुक्त अभ्यास में एनएसजी (ब्लैक कैट कमांडो), एटीएस, एसटीएफ, यूपी पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय खुफिया इकाइयों की टीमें शामिल रहीं। शाम 4 बजे शुरू हुई इस ड्रिल में काल्पनिक परिदृश्य के तहत आतंकवादियों द्वारा एक क्रूज में यात्रियों को बंधक बनाए जाने की स्थिति बनाई गई।

पहले चरण में एनडीआरएफ और एटीएस की टीमों ने नावों के माध्यम से आतंकियों को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद दूसरे चरण में एनएसजी कमांडो हेलिकॉप्टर से रस्सियों के सहारे क्रूज पर उतरे और ‘रैपलिंग ऑपरेशन’ के तहत त्वरित कार्रवाई की। घाट पर तैनात एटीएस और एसटीएफ की स्नाइपर टीमों ने ड्रोन की मदद से आतंकियों की लोकेशन ट्रैक कर घेराबंदी की और सभी ‘आतंकियों’ को ‘न्यूट्रलाइज’ किया।

पूरे ऑपरेशन को सिर्फ 12 मिनट में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। सभी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान बम निष्क्रिय दस्ते (Bomb Disposal Squad) ने आईईडी को डिफ्यूज करने का प्रदर्शन किया, जबकि मेडिकल टीम ने तत्काल राहत और प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया प्रदर्शित की।

ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से पूरे ऑपरेशन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की गई। अभ्यास के दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पहले से सूचित कर सुरक्षित दूरी पर रखा गया।

यह ड्रिल ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत आयोजित की गई, जिसमें सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच उत्कृष्ट समन्वय और अनुशासन देखने को मिला। वास्तविक हथियारों के स्थान पर ब्लैंक फायर और स्मोक ग्रेनेड का उपयोग किया गया, लेकिन रणनीति पूरी तरह वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित थी।

कुछ पर्यटकों ने ड्रिल को ‘हॉलीवुड फिल्म जैसा रोमांचक’ बताया। वहीं, एक महिला तीर्थयात्री ने कहा —

“सुरक्षा बलों की मुस्तैदी देखकर मन को सुकून मिला, अब निश्चिंत होकर दर्शन कर सकते हैं।”

ड्रिल के दौरान वाराणसी के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस प्रशासन और लंका थाने की फोर्स मौके पर मौजूद रही।
इस सफल अभ्यास के साथ प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि काशी के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था अब और अधिक मजबूत तथा सतर्क है।