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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी, फ्रांस, जापान समेत 22 देशों ने ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलने और हमलों को रोकने की अपील की है। यह संयुक्त बयान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट को टालने के लिए जारी किया गया।
संयुक्त बयान की मुख्य बातें
22 देशों ने ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों, तेल-गैस सुविधाओं पर हमलों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की कड़ी निंदा की। इन देशों में संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। उन्होंने सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित करने के प्रयासों में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।
बयान में कहा गया कि ईरान के ये कदम अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ हैं। देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने की योजना में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की।
होर्मुज स्ट्रेट का महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल और गैस का 20-30% हिस्सा गुजरने वाला प्रमुख मार्ग है। ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में इसे बंद कर दिया, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई। इस बंदी से तेल कीमतों में उछाल और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता का खतरा बढ़ गया।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
ईरान के हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में हिंसा बढ़ाई, जिसमें पड़ोसी देशों की सुविधाएं निशाना बनीं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों ने भी शांति बहाली की अपील की। इससे ऊर्जा संकट गहरा सकता है, खासकर यूरोप और एशिया के लिए।