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अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अब तक के सबसे बड़े हमलों का दावा किया है। उन्होंने कहा कि 7000 से अधिक सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है, और आज ईरान पर रिकॉर्ड हवाई हमले होंगे।
ऑपरेशन की शुरुआत और लक्ष्य
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त कार्रवाई है, जिसमें ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने का लक्ष्य है। रक्षा मंत्री ने वर्जीनिया के आर्लिंगटन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि युद्ध शुरू होने के बाद 7000 कमर्शियल व सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले हो चुके हैं।
इसमें खर्ग द्वीप पर तेल क्षेत्रों को छोड़कर सब कुछ तबाह कर दिया गया। ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च 90% और ड्रोन हमले 95% कम हो गए हैं। 100 से ज्यादा ईरानी नौसैनिक जहाज डुबोए या नष्ट किए गए।
राष्ट्रपति ट्रंप का दावा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पूरी तरह तबाह हो चुका है—उसकी नौसेना खत्म, नेता मारे गए। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में 30 से अधिक ईरानी जहाज नष्ट होने की पुष्टि की।
ट्रंप ने ईरान को “कागजी शेर” बताते हुए चेतावनी दी कि हथियार के रूप में होर्मुज का इस्तेमाल बेकार है। कुछ रिपोर्ट्स में 15,000 ठिकानों पर हमले का जिक्र है, जो हमलों की तीव्रता दिखाता है।
आज के हमलों की तैयारी
रक्षा मंत्री हेगसेथ ने स्पष्ट कहा, “आज ईरान और तेहरान पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला होगा।” ईरानी सैन्य क्षमता को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा। तेल अवीव और तेहरान से मिली जानकारी के अनुसार, हमले तेज हो रहे हैं।
वैश्विक प्रभाव
ये हमले मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा रहे हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाई सीमित दिख रही है। दुनिया भर में तेल कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।