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2 weeks agoon
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SANSAD VANI
मुंबई/संसद वाणी: मालवणी के सामना नगर, गेट नंबर 8 में अवैध निर्माण, अवैध पार्किंग और सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आने के बाद अब एक बार फिर म्हाडा मुंबई क्षेत्र निर्माण गोरेगांव के अधिकारी रोहित शिंदे की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों और मीडिया का आरोप है कि बार-बार शिकायत और नोटिस के बावजूद कई अवैध संरचनाओं के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
सामना नगर के मुख्य प्रवेश द्वार पर फेडरेशन के अध्यक्ष बालासाहेब भगत और सचिव अखिल शेख द्वारा लगाया गया भारी बोर्ड अब भी वहीं लगा हुआ है। आरोप है कि यह बोर्ड पहले भी एक बार गिर चुका है, लेकिन इसके बावजूद उसी जगह पर दोबारा वही भारी बोर्ड लगा दिया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बोर्ड के नीचे रोजाना स्कूल के बच्चे और उनके माता-पिता खड़े रहते हैं। ऐसे में यह बोर्ड किसी भी समय बड़ा हादसा कर सकता है।
बताया जाता है कि जब म्हाडा क्षेत्र निर्माण गोरेगांव के अधिकारी रोहित शिंदे और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, तब उन्होंने मेन गेट पर लगे फेडरेशन के बोर्ड और अवैध सुरक्षा केबिन को हटाने की बात कही थी।

सूत्रों के अनुसार, जाते समय रोहित शिंदे ने फेडरेशन के अध्यक्ष बालासाहेब भगत और सचिव अखिल शेख से भारी बोर्ड हटाकर हल्का बोर्ड लगाने के लिए कहा था। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी न तो बोर्ड हटाया गया और न ही कोई बदलाव किया गया।
म्हाडा के दस्तावेज़ों और ब्लू-प्रिंट के अनुसार, परिसर में बनाया गया सुरक्षा गार्ड का केबिन भी स्वीकृत निर्माण का हिस्सा नहीं बताया जा रहा है। इसके बावजूद अब तक इस अवैध केबिन को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी कोई निवासी या मीडिया इस विषय पर सवाल करता है, तो फेडरेशन के पदाधिकारी यह कहते हैं कि बोर्ड और अन्य संरचनाएं पूरी तरह वैध हैं और उन्हें हटाने के लिए किसी अधिकारी ने नहीं कहा है।
जानकारी के अनुसार, म्हाडा क्षेत्र निर्माण गोरेगांव विभाग ने फेडरेशन के खिलाफ अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया था। नोटिस में साफ लिखा गया था कि सभी अवैध निर्माण जल्द हटाए जाएं, अन्यथा विभाग खुद कार्रवाई कर उन्हें ध्वस्त करेगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।

म्हाडा द्वारा अवैध निर्माण को लेकर यह जो नोटिस जारी किया गया था, जिसमें आप देख सकते हैं कि अधिकारी ने पेन से ब्लू प्रिंट बनाया है। उसमें आप साफ देख सकते हैं कि फेडरेशन का बोर्ड, अवैध केबिन, गार्डन में अवैध मीटर रूम दिखाया गया है, पर तोड़ा गया सिर्फ एक।
रोहित शिंदे की कार्रवाई कमाल है ना..?
इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए कुछ अवैध निर्माण तोड़े और करीब 1 लाख 8 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि इतने गंभीर मामलों के बावजूद फेडरेशन के अध्यक्ष बालासाहेब भगत और सचिव अखिल शेख के खिलाफ FIR दर्ज क्यों नहीं की गई।
जब इस विषय पर म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे से सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। बाद में विभाग के एक अन्य अधिकारी मकाने ने कहा कि जल्द ही FIR दर्ज की जाएगी। हालांकि अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम उठता दिखाई नहीं दिया।
सूत्रों का दावा है कि फेडरेशन के एक पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभाग के कुछ अधिकारी बार-बार फेडरेशन पदाधिकारियों को यह जानकारी दे रहे थे कि जल्द जुर्माने की राशि जमा कर दी जाए, क्योंकि मीडिया की ओर से FIR दर्ज करने का दबाव बनाया जा रहा है।
इससे यह आरोप भी लग रहे हैं कि कहीं न कहीं फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव को बचाने की कोशिश की जा रही थी, जबकि मीडिया और स्थानीय लोग लगातार सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
स्थानीय निवासियों का यह भी आरोप है कि फेडरेशन के बोर्ड और सुरक्षा केबिन के सहारे परिसर में अब भी अवैध पार्किंग करवाई जा रही है। इससे पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था बढ़ गई है और लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
निवासियों का कहना है कि रोहित शिंदे की लापरवाही के कारण सामना नगर, मालवणी गेट नंबर 8 अब अवैध पार्किंग का अड्डा बनता जा रहा है।

इस पूरे मामले में स्थानीय लोग और मीडिया अब सीधे म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछ रहे हैं:
अब स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की निगाहें म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संबंधित अधिकारी इन गंभीर मुद्दों पर ठोस कार्रवाई करेंगे या फिर यह मामला भी केवल शिकायतों और नोटिस तक ही सीमित रह जाएगा।
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