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मलाड (पश्चिम) में भू-माफियाओं का सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल

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पोसरी श्मशान घाट के पास 2 एकड़ भूमि पर अवैध निर्माण।

सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग

मुंबई/संसद वाणी: मुंबई के मलाड (पश्चिम) इलाके में मालवणी के पोसरी श्मशान घाट के पास सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण और अवैध निर्माण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। लगभग 2 एकड़ क्षेत्रफल वाली इस बहुमूल्य सरकारी भूमि (नगर सर्वेक्षण क्रमांक 1916, पिन कोड 400095) पर व्यावसायिक भवन, टीन-शेड वाले कमरे और अन्य संरचनाएं खड़ी की जा रही हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने इस साजिश का पर्दाफाश करते हुए 6 अक्टूबर 2025 को राज्य सरकार के आला अधिकारियों को पत्र लिखा है, जिसमें अतिक्रमण हटाने, भू-माफियाओं के खिलाफ एमआरटीपी एक्ट और मकोका के तहत मुकदमा दर्ज करने तथा भूमि को संरक्षित करने की मांग की गई है।

घटना का विवरण: सालों से चली आ रही साजिश

मालवणी, तालुका बोरीवली के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में पोसरी श्मशान घाट महाराष्ट्र सरकार के अधीन 5,000 वर्ग फुट का महत्वपूर्ण स्थल है। यहां अंतिम संस्कार जैसी पवित्र क्रियाओं के लिए आरक्षित भूमि पर गांव के गुंडों और भू-माफियाओं ने नजरें गाड़ रखी हैं। पिछले कई वर्षों से चरणों में अतिक्रमण करीब 30 से अधिक अवैध निर्माण हो चुके हैं, जिनमें व्यावसायिक मकान और अस्थायी झोपड़ियां शामिल हैं। इन संरचनाओं को 15-20 लाख रुपये प्रति इकाई की दर से बेचा जा रहा है, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकससान हो चुका है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, भू-माफिया झोपड़ियां बनाकर फर्जी मतदाता सूची तैयार कर रहे हैं और बाद में दस्तावेजों के जरिए भूमि को अपने नाम पर ट्रांसफर करा लेते हैं। इससे भूमिपुत्रों के साथ अन्याय हो रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट और महाराष्ट्र सरकार के स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन करते हुए डिप्टी कलेक्टर (अतिक्रमण निष्कासन विभाग) की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। बार-बार पत्राचार के बावजूद, प्रशासन की लापरवाही से मलाड-मालवणी में सरकारी जमीनें लगातार निगली जा रही हैं। सवाल उठता है कि क्या यह केवल दिखावटी जांच तक सीमित रहकर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का प्रयास है? क्या राजस्व विभाग के अधिकारी इस साजिश में शामिल हैं?

सामाजिक कार्यकर्ता की पहल: बहुस्तरीय शिकायत और चेतावनीशिव सम्राट फाउंडेशन के अध्यक्ष सम्राट बागुल, जो मलाड (पश्चिम) में सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाते हैं, ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने 6 अक्टूबर 2025 को एक विस्तृत शिकायत पत्र जारी किया, जिसकी प्रतियां निम्नलिखित अधिकारियों को भेजी गईं:

अधिकारी का पदनामनाम
मुख्यमंत्रीश्री देवेंद्र फडणवीस
राजस्व मंत्रीश्री चंद्रशेखर बावनकुले
गृह निर्माण मंत्रीश्री एकनाथरावजी शिंदे
पालकमंत्रीश्री आशीष शेलार
राज्यपालश्री आचार्य देवव्रत
मनपा आयुक्तश्री भूषण गगरानी
पुलिस आयुक्तश्री देवेन भारती
मालाड अतिक्रमण निवारण उपजिलाधिकारीश्री विनायक पडवी
पी/उत्तर विभाग सहायक आयुक्तश्री कुंदन वाल्वी

पत्र में मांग की गई है कि:

  • पूरे अतिक्रमण क्षेत्र को तत्काल ध्वस्त किया जाए।
  • भू-माफियाओं के खिलाफ महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं शहर नियोजन अधिनियम (एमआरटीपी एक्ट) और महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत एफआईआर दर्ज हो।
  • भूमि पर सुरक्षा दीवार और पट्टिका लगाकर संरक्षित किया जाए।
  • यदि अपेक्षित कार्रवाई न हुई तो मालाड अतिक्रमण निवारण विभाग के कार्यालय के समक्ष धरना दिया जाएगा।

बागुल ने कहा, “यह सरकारी संपत्ति का खुले तौर पर अपहरण है। प्रशासन की निष्क्रियता से न केवल राजस्व को नुकसान हो रहा, बल्कि सामाजिक न्याय का भी हनन कर रहे हैं। हम अंत तक लड़ेंगे।”

व्यापक प्रभाव: पर्यावरण, समाज और कानून का उल्लंघन

इस अतिक्रमण से न केवल श्मशान घाट जैसी सांस्कृतिक धरोहर खतरे में है, बल्कि आसपास का पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ रहा है। मलाड जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी साजिशें अवैध बस्तियों को जन्म दे रही हैं, जो ट्रैफिक, जल निकासी और अपराध की समस्याओं को बढ़ावा देंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्व विभाग को स्वतंत्र जांच करनी चाहिए कि क्या अधिकारी स्वयं इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।

मुंबई महानगरपालिका (मनपा) और राज्य सरकार से अपेक्षा है कि इस मामले को प्राथमिकता दें, ताकि भू-माफियाओं का यह काला कारोबार थमे। फिलहाल, स्थानीय निवासी सतर्क हैं और सामूहिक प्रयासों से इस लड़ाई को मजबूत कर रहे हैं।

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