Mhada News: महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) में भ्रष्टाचार और अवैध निर्माणों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगे हैं। निलेश मडामे और एम.वी. माकणे नामक दो अधिकारियों का हाल ही में तबादला कर दिया गया है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या यह कदम पर्याप्त है? सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ये अधिकारी अपनी नई पोस्टिंग पर भी अवैध निर्माणों को बढ़ावा देंगे। इसी बीच, वशिष्ठ मीडिया हाउस के निदेशक अभिषेक अनिल वशिष्ठ ने MHADA अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें सभी आरोपी अधिकारियों को समन जारी करने की मांग की गई है।
मालवणी के सामना नगर, गेट नंबर 8 पर स्थित मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी के अध्यक्ष बालासाहेब भगत ने ‘डॉ. अब्दुल कलाम संस्था (फेडरेशन)’ के नाम पर कई अवैध निर्माण और कार्य कराए। इनमें सीमेंट बनी चादर का ओपन सेड और बिना अनुमति के अवैध पार्किंग करना शामिल है। MHADA के अधिकारियों निलेश मडामे और एम.वी. माकणे ने कथित तौर पर केवल नोटिस जारी कर फेडरेशन के अध्यक्ष व सचिव को बचाने का पूरा प्रयास किया। एक अन्य अधिकारी रोहित शिंदे, जो वर्तमान में भी MHADA में तैनात हैं, पर आरोप है कि शिकायत मिलने पर वे कार्रवाई के बजाय आरोपी पक्ष को पहले ही सूचित कर देते हैं, जिससे अवैध कार्य जारी रहते हैं।
फेडरेशन के अवैध निर्माण: केवल एक पर बुलडोजर, जुर्माना भरकर बच निकलेंगे..?
फेडरेशन द्वारा किए गए कई अवैध निर्माणों में MHADA ने केवल एक पर ही बुलडोजर चलाया, बाकी को छोड़ दिया। इसके अलावा, अध्यक्ष और सचिव पर 1 लाख 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई। एम.वी. माकणे से जब इस पर बात की गई, तो उन्होंने दावा किया कि वे खुद FIR दर्ज करवाएंगे। लेकिन सूत्रों के अनुसार, MHADA के किसी अधिकारी ने फेडरेशन के पदाधिकारियों को चेतावनी दी कि ‘वशिष्ठ मीडिया हाउस के निदेशक अभिषेक वशिष्ठ FIR के लिए दबाव बना रहे हैं, जल्द जुर्माना न भरा तो कार्रवाई हो जाएगी।’ यह घटना MHADA अधिकारियों की मानसिकता को उजागर करती है, जहां अवैध कार्यों के खिलाफ सख्ती के बजाय बचाव को प्राथमिकता दी जाती है।
नई अवैधता: ओम सिद्धिविनायक सोसायटी में गार्डन और शेड का निर्माण
फेडरेशन के बाद अब मालवणी ओम सिद्धिविनायक सोसायटी के अध्यक्ष और सचिव फैयाज शेख द्वारा MHADA की खाली जमीन पर अवैध गार्डन का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, 10 वर्ष पुराने वॉटर टैंक पर ओपन शेड बना दिया गया है। रोहित शिंदे को इसकी सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसा लगता है मानो MHADA ने इन सोसायटियों और फेडरेशन को खुली छूट दे रखी हो।

कोर्ट में याचिका: सभी अधिकारी होंगे जवाबदेह
MHADA अधिकारियों की इस लापरवाही को देखते हुए वशिष्ठ मीडिया हाउस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक एवं समूह दैनिक समाचार पत्रों के स्वामी व प्रकाशक अभिषेक अनिल वशिष्ठ ने कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में मांग की गई है कि सभी आरोपी अधिकारियों—निलेश मडामे, एम.वी. माकणे और रोहित शिंदे—को कोर्ट में पेश होकर सवालों के जवाब दें। अभिषेक वशिष्ठ ने कहा, “एम.वी. माकणे का तबादला हो चुका है, लेकिन लीगल टीम के माध्यम से उन्हें समन जारी करवाकर जवाब मांगे जाएंगे। अवैध निर्माणों के खिलाफ न्याय सुनिश्चित करना हमारा संकल्प है।”
MHADA की व्यापक समस्या: हाईकोर्ट की चेतावनी
यह मामला मुंबई में बढ़ते अवैध निर्माणों की बड़ी समस्या का हिस्सा है। हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने MHADA और BMC पर अवैध निर्माणों को रोकने में नाकामी पर कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने सख्त कानून बनाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। मालवणी जैसे इलाकों में MHADA की जमीन पर अतिक्रमण आम हो गया है, जो न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि निवासियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकारी तबादलों से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि पारदर्शी जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
स्थानीय निवासियों ने MHADA से तत्काल बुलडोजर कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की है। अभिषेक वशिष्ठ जैसे कार्यकर्ताओं की यह लड़ाई न केवल मालवणी के लिए, बल्कि पूरे मुंबई के शहरी विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।

