Connect with us

व्यापार

शेयर बाजार में गिरावट जारी: 9 दिसंबर 2025 को लगातार दूसरे दिन निवेशकों को झटका

Published

on

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

शेयर बाजार में इस सप्ताह की शुरुआत गिरावट के साथ हुई है, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार, 9 दिसंबर 2025 को लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार लाल निशान पर बंद हुआ, जिससे निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी दर्ज की गई। इससे ठीक एक दिन पहले सोमवार, 8 दिसंबर को भी बाजार में तेज बिकवाली देखी गई थी।


आज के कारोबार में प्रमुख सूचकांकों ने भारी गिरावट दर्ज की।

  • सेंसेक्स (Sensex): बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 436 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 84,666.28 के स्तर पर बंद हुआ।
  • निफ्टी (Nifty): नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का मानक सूचकांक निफ्टी 121 अंक टूटकर 25,839.65 के स्तर पर नीचे आया।

यह गिरावट बाजार में चौतरफा बिकवाली का संकेत देती है, जहां लगभग सभी सेक्टरों के शेयरों में दबाव देखा गया।


गिरावट के मुख्य कारण

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं:

  1. वैश्विक बाजारों का दबाव: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका और वैश्विक मंदी की चिंता ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को भारतीय बाजार से पैसा निकालने पर मजबूर किया है। (9-10 दिसंबर को फेडरल रिजर्व की महत्वपूर्ण बैठक से पहले सतर्कता)
  2. मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले सत्रों में हुई तेजी के बाद निवेशक अब मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे बाजार पर ऊपरी स्तरों से दबाव बढ़ रहा है।
  3. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली: लगातार दूसरे दिन FIIs ने भारतीय इक्विटी बाजार में बिकवाली की, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई।
  4. महंगाई और ब्याज दरें: घरेलू मोर्चे पर भी, उच्च महंगाई और आगामी मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
  5. रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना भी एक महत्वपूर्ण कारक रहा है, जिसने FIIs की बिकवाली को बढ़ाया है।

किन सेक्टर्स में दिखा सबसे ज्यादा असर?

बाजार में बिकवाली का असर सभी प्रमुख सेक्टर्स में देखा गया, लेकिन आईटी, ऑटो, बैंकिंग और मेटल जैसे सेक्टर्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। खासकर, उच्च मूल्यांकन (Valuation) वाले शेयरों में तेज गिरावट आई है।


आगे क्या? निवेशकों के लिए सलाह

बाजार की मौजूदा स्थिति निवेशकों को सावधान रहने की सलाह देती है।

  • लंबी अवधि के निवेशक: बाजार में गिरावट को अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों को निचले स्तरों पर खरीदने के अवसर के रूप में देख सकते हैं।
  • छोटी अवधि के निवेशक: उन्हें अत्यधिक अस्थिरता (Volatility) को देखते हुए सतर्क रहने और स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन करने की जरूरत है।

बाजार की नजर अब बुधवार, 10 दिसंबर को आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसलों और विदेशी निवेशकों के रुख पर बनी रहेगी। बाजार में जल्द ही स्थिरता लौटने की उम्मीद है, लेकिन तब तक निवेशकों को संयम बनाए रखना होगा।

Copyright © 2026 Vashishtha Media House Pvt. Ltd.