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सोना-चांदी धड़ाम! ₹4000 तक टूटे दाम, कहीं ये बाज़ार क्रैश तो नहीं?

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18 नवंबर 2025: लगातार चौथे दिन कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज

हाल के दिनों में असाधारण तेज़ी देखने के बाद, सोने और चांदी की कीमतों में अचानक और तेज़ी से गिरावट दर्ज की गई है। 14 नवंबर 2025 से शुरू होकर, यह गिरावट का दौर 18 नवंबर को लगातार चौथे दिन जारी रहा, जिससे घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाजारों में कीमती धातुओं के दाम नीचे आ गए।

कितनी हुई गिरावट?

ताज़ा आँकड़ों के अनुसार:

  • सोना (Gold): अपनी हालिया ऊँचाई से ₹4,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ। 18 नवंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹3,900 तक की गिरावट आई, जिससे दाम ₹1,25,800 प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गए।
  • चांदी (Silver): चांदी की कीमतों में और भी तेज़ी से कमी आई। यह अपनी ऊँचाई से ₹10,000 से ₹15,000 प्रति किलोग्राम तक सस्ती हुई है। 18 नवंबर को चांदी के दामों में ₹3,400 से ₹7,800 प्रति किलोग्राम तक की भारी गिरावट देखी गई।

📉 गिरावट के मुख्य कारण

बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेज़ गिरावट के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण हैं:

  1. अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार का दबाव: अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से अमेरिकी डॉलर मज़बूत हुआ। डॉलर के मज़बूत होने पर, अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों ने सोने में बिकवाली शुरू कर दी, जिससे ग्लोबल बाज़ार में कीमतें गिर गईं।
  2. मुनाफ़ावसूली (Profit Booking): दो महीनों की तेज़ बढ़ोतरी के बाद कई निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपना सोना बेचकर मुनाफ़ा कमाया, जिससे बाज़ार में आपूर्ति बढ़ गई और कीमतें नीचे आईं।
  3. शादियों के सीज़न की मांग: हालांकि भारत में शादियों का सीज़न चल रहा है, लेकिन वैश्विक संकेतों की कमज़ोरी ने घरेलू बाज़ार पर भारी दबाव डाला।

💡 निवेशकों और खरीदारों के लिए सुनहरा मौका

बाज़ार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट दीर्घकालिक (Long-term) निवेशकों और आभूषण खरीदारों के लिए एक ‘गोल्डन ऑपर्चुनिटी’ है।

  • खरीदें या इंतज़ार करें? विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट एक स्वस्थ सुधार (Healthy Correction) है, जिसके बाद कीमतों में फिर से तेज़ी आने की संभावना है। कीमतों में और अधिक गिरावट की उम्मीद कम है, इसलिए इस समय खरीदारी करना एक समझदारी भरा निवेश साबित हो सकता है।
  • अगले रुझान: चूंकि जियो-पॉलिटिकल तनाव और मुद्रास्फीति (Inflation) की चिंताएँ अभी भी मौजूद हैं, सोना भविष्य में एक सुरक्षित निवेश के रूप में अपनी चमक फिर से बिखेरेगा।

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