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नई दिल्ली, 10 मार्च 2026:
वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक तनाव के बीच सोना और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भू-राजनीतिक परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की बदलती रणनीतियों के कारण कीमती धातुओं के बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
वैश्विक तनाव का असर
मध्य-पूर्व में जारी तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को प्रभावित किया है। ऐसे हालात में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिसके कारण कभी सोने-चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं तो कभी अचानक गिरावट देखने को मिलती है।
हाल के दिनों में तेल कीमतों में तेज उछाल और डॉलर की मजबूती ने भी सोने-चांदी के भाव पर दबाव डाला है। विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर मजबूत होने पर सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगा हो जाता है, जिससे मांग प्रभावित होती है और कीमतों में गिरावट आ सकती है।
हालिया कीमतों की स्थिति
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 मार्च 2026 को सोने का भाव लगभग ₹1.62 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता देखा गया, जबकि चांदी की कीमत ₹2.77 लाख प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई।
हालांकि इससे पहले 9 मार्च 2026 को बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी, जब सोने के दाम में लगभग ₹1,300 प्रति 10 ग्राम की कमी और चांदी में ₹7,000 से अधिक प्रति किलोग्राम की गिरावट देखने को मिली थी।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोना-चांदी के दाम वैश्विक घटनाओं, अमेरिकी ब्याज दरों के फैसलों और डॉलर की चाल पर निर्भर रहेंगे। आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए निवेशकों की मांग बढ़ सकती है।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा समय में सोना-चांदी के बाजार में तेजी और गिरावट दोनों के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, मुद्रा विनिमय दर और आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखते हुए निवेश करना चाहिए।