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बाराबंकी

बाराबंकी में दर्दनाक हादसा: कोल्ड स्टोरेज परिसर में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आए किसान, इलाज से पहले ही मौत

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बाराबंकी / संसद वाणी जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां आलू भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज पहुंचे एक किसान की ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद कोल्ड स्टोरेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद किसानों और कर्मचारियों ने घायल किसान को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

आलू रखने पहुंचे थे किसान, अचानक हुआ हादसा

मिली जानकारी के अनुसार जनपद बाराबंकी के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरौली निवासी उमेश चंद्र वर्मा (लगभग 55 वर्ष) मंगलवार की शाम अपने खेत में तैयार आलू को भंडारण के लिए शहर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज परिसर में पहुंचे थे। इस समय आलू भंडारण का सीजन चल रहा है, जिसके कारण कोल्ड स्टोरेज में बड़ी संख्या में किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मौजूद थे। परिसर में काफी भीड़ और अव्यवस्था का माहौल बना हुआ था।बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे की ओर किया जा रहा था। उसी समय उमेश चंद्र वर्मा अचानक ट्रॉली की चपेट में आ गए और ट्रॉली के नीचे दब गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए।

लोगों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया

घटना के बाद मौके पर मौजूद किसानों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। लोगों ने तुरंत ट्रैक्टर-ट्रॉली को हटाकर घायल किसान को बाहर निकाला और उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद किसान को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार ट्रॉली के नीचे दबने से उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

चालक मौके से फरार

हादसे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली का चालक मौके से वाहन छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही फरार चालक की तलाश भी की जा रही है।

कोल्ड स्टोरेज की अव्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद कोल्ड स्टोरेज परिसर की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि आलू भंडारण के लिए टोकन व्यवस्था लागू होने के बावजूद सही तरीके से उसका पालन नहीं कराया जा रहा है। एक साथ बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां परिसर में पहुंच जाती हैं, जिससे वहां भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है।किसानों के अनुसार यदि परिसर में उचित व्यवस्था और सुरक्षा के इंतजाम होते, तो शायद इस तरह का हादसा टाला जा सकता था।

परिवार में मचा कोहराम

किसान की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव और परिवार तक पहुंची, वहां मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों का कहना है कि उमेश चंद्र वर्मा एक मेहनती किसान थे और खेती-किसानी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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