छत्तीसगढ़ के कर्रेगुट्टा जंगल में गुरुवार को सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ हुई जिसमें कम से कम पांच माओवादी मार गिराए गए। यह कार्रवाई व्यापक एंटी-नक्सल ऑपरेशन ‘ब्लैक फॉरेस्ट-2’ का हिस्सा है, जो अब तक जारी है।
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार सुबह खुफिया इनपुट मिलने के बाद CRPF, DRG, CoBRA, छत्तीसगढ़ पुलिस और अन्य विशेष बलों ने कर्रेगुट्टा जंगल के आसपास बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच घात और जवाबी गोलीबारी हुई, जिसमें पांच नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। उनके शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2 का मकसद
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह ऑपरेशन नक्सलियों को सक्रिय क्षेत्रों में घेरकर अस्थिर करने और उनकी बागडोर तोड़ने के लिए चलाया जा रहा है। कर्रेगुट्टा क्षेत्र माओवादियों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इसे विशेष ध्यान में रखा गया है।
इस बड़ी कार्रवाई में लगभग 2,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है, और इलाके में व्यापक रूप से तलाशी और सैनिटाइजेशन जारी है। सुरक्षा बलों को उम्मीद है कि आगे भी मुठभेड़ की स्थिति बन सकती है और आवश्यकतानुसार हेलीकॉप्टर समर्थन का भी उपयोग किया जा सकता है।
सरकार का लक्ष्य और नक्सलवाद-रोधी रणनीति
सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे यह प्रकार की कार्रवाइयाँ तेज़ी से जारी हैं। इस दिशा में पिछले कुछ समय में कई माओवादी कैडर्स के आत्मसमर्पण और पकड़े जाने की भी खबरें आई हैं, जो क्षेत्र में नक्सलवाद के प्रभाव को घटाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही हैं।