फरीदाबाद, 11 फरवरी 2026 — हरियाणा के फरीदाबाद जिला जेल (नीमका जेल) में बंद संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या का मामला सामने आया है, जिसने देशभर में सनसनी फैला दी है। रहमान पर गंभीर आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप थे और अब पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।
क्या हुआ?
- करीब 20 वर्षीय अब्दुल रहमान की जिला जेल की सुरक्षा वार्ड में देर रात हत्या कर दी गई।
- मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उसे सिर पर नुकीली चीज से वार करके मारा गया।
- शुरुआती जांच के मुताबिक हत्या एक सह-कैदी द्वारा की गई, जिसका नाम अरुण चौधरी बताया जा रहा है।
- कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि हत्या से पहले दोनों के बीच राम मंदिर को लेकर बहस चल रही थी, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई।
पीछे का मामला — आरोप, गिरफ्तारी और संदिग्ध साज़िश
अब्दुल रहमान को मार्च 2025 में अयोध्या के राम मंदिर पर हमले या धमाका करने की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से पुलिस को दो हैंड ग्रेनेड और मोबाइल फोन भी मिले थे।
उस पर आरोप था कि उसने सोशल मीडिया और कट्टर विचारधारा के संपर्कों के माध्यम से अत्यधिक आतंकी नेटवर्क से संबंध बनाए।
पुलिस और जेल प्रशासन की प्रतिक्रिया
- जेल प्रशासन ने हत्या की सूचना मिलने के बाद स्थिति पर कड़ी सुरक्षा समीक्षा और आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
- हत्या की कारणों और सुरक्षा व्यवस्थाओं में चूक की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।
- पुलिस ने हत्या के आरोप में सह-कैदी अरुण चौधरी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है और मामले को गंभीरता से जांचा जा रहा है।
परिवार का रुख
अब्दुल रहमान के परिजन इस हत्या को लेकर निष्पक्ष, स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं और उनका कहना है कि वह “ग़लत तरीके से फँसा हुआ था।”