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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बिहार विधानसभा की बांकीपुर सीट से विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम राज्यसभा चुनाव में निर्वाचित होने के बाद संवैधानिक आवश्यकता के अनुरूप उठाया गया।
इस्तीफे का कारण और समयरेखा
नितिन नबीन को 16 मार्च 2026 को बिहार से राज्यसभा के लिए चुना गया था। एक व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता, इसलिए 30 मार्च को उन्होंने विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार को इस्तीफा सौंपा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्पीकर को यह पत्र सौंपा।
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर
45 वर्षीय नितिन नबीन भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जिन्हें जनवरी 2026 में निर्विरोध चुना गया। वे 2006 से बांकीपुर (पूर्व में पटना वेस्ट) से पांच बार विधायक चुने गए—2006, 2010, 2015, 2020 और 2025 में। बिहार सरकार में पथ निर्माण, नगरीय विकास और आवास मंत्री रह चुके हैं।
बांकीपुर में 20 साल का योगदान
नितिन नबीन ने बांकीपुर में 20 वर्षों तक विकास कार्य किए, जिसके लिए उन्होंने भावुक पोस्ट लिखी। उनके इस्तीफे से बांकीपुर में उपचुनाव होगा, जो राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण होगा। अब वे राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा को मजबूत करने पर फोकस करेंगे।
राजनीतिक प्रभाव
यह इस्तीफा बिहार की NDA सरकार के लिए नया दौर शुरू करता है। उसी दिन सीएम नीतीश कुमार ने भी विधान परिषद से इस्तीफा दिया। नितिन नबीन का राज्यसभा प्रवेश भाजपा की रणनीति को मजबूत करेगा।