लखनऊ, 11 फरवरी 2026 — उत्तर प्रदेश में आज योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपना दसवां राज्य बजट (वित्तीय वर्ष 2026-27) विधानसभा में पेश कर दिया है। इस बजट का अनुमानित आकार लगभग ₹9 लाख 12 हज़ार 696 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 12 % अधिक है और राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है।
बजट वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज सदन में पेश किया, जिसमें विकास, रोजगार, सामाजिक कल्याण और बुनियादी ढांचे पर प्रमुख फोकस रखा गया है।
बजट का मुख्य उद्देश्य
बजट का उद्देश्य राज्य की आर्थिक गति को बनाए रखना और विकास-मूलक खर्चों को बढ़ाना बताया जा रहा है। राष्ट्रपति शासन से पहले यह सरकार का आखिरी पूर्ण बजट है, क्योंकि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
बजट की प्रमुख घोषणाएँ
रोजगार और युवाओं के लिए प्रावधान
सरकार ने कहा कि लगभग 10 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
महिलाओं और परिवारों के लिए घोषणाएँ
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए स्कूटी योजना पर विशेष आवंटन, और बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता जैसी घोषणाएँ शामिल हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य
शिक्षा और स्वास्थ्य पर बजट का विशेष ध्यान — शिक्षा पर लगभग 12 % और स्वास्थ्य पर लगभग 6 % खर्च का प्रावधान।
कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर
कृषि और ग्रामीण विकास को भी मजबूत समर्थन, साथ ही सड़क, फ्लाईओवर और एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं पर भारी निवेश।
आर्थिक संकेतक
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है और बेरोजगारी दर में गिरावट देखने को मिली है।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बजट विकास-मुखी और जनहितैषी है, जिसमें प्रदेश की आम जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। विपक्षी नेताओं ने इसे चुनावी बजट करार दिया है।