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राजनीति

जेवर एयरपोर्ट क्रेडिट वॉर: अखिलेश के बाद मायावती की एंट्री, बीजेपी‑सपा‑बसपा में जंग

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के उद्घाटन के साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति में “एयरपोर्ट क्रेडिट वॉर” पूरी तरह तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद अब बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने भी जेवर एयरपोर्ट की पहली फेज की सफलता का श्रेय अपने कार्यकाल से जोड़ते हुए मैदान में प्रवेश कर लिया है, जिससे राज्य की लगभग तीनों बड़ी विपक्षी पार्टियां इस परियोजना को लेकर आपस में टकराव में आ गई हैं।


जेवर एयरपोर्ट पर क्रेडिट की जंग

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport, Jewar) की पहले फेज का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को किया, जिस पर सीधे तौर पर बीजेपी ने इसे अपनी दोहरी इंजन वाली सरकार की सफलता का उदाहरण बताया। इस दौरान पीएम मोदी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में जेवर एयरपोर्ट परियोजना “फाइलों में दबी रही” और जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

इसके जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार के दौरान ही जेवर एयरपोर्ट के लिए जरूरी मंजूरियां और तैयारियां की गईं, इसलिए इस परियोजना का क्रेडिट उन्हें भी मिलना चाहिए। वे इसे सिर्फ बीजेपी की “सुरखियां लेने की रणनीति” का हिस्सा बता रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि बीजेपी सिर्फ निर्माण कार्यों पर अरबों खर्च कर चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचा रही है, जबकि राज्य में कई हवाई अड्डे अभी भी बंद या निर्माणाधीन हैं।


मायावती की एंट्री: “मेरे समय की बुनियाद”

अखिलेश यादव के बयान के बाद अब BSP प्रमुख मायावती ने भी जेवर एयरपोर्ट की क्रेडिट वॉर में खुद शामिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मूल आकृति (blueprint) और आवश्यक बुनियादी तैयारियां उनके राज्य कार्यकाल के दौरान ही तैयार की गईं, लेकिन केंद्र सरकार ने तब इसे मंजूरी नहीं दी, जिसके कारण परियोजना लंबा समय रुकी रही।

मायावती ने ट्वीट और रैलियों के जरिए कहा कि अगर उप्र के पूर्व कांग्रेस‑नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से जल्दी अनुमति दे दी जाती तो यह एयरपोर्ट काफी पहले पूरा हो चुका होता। उन्होंने इस दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा, और यह दावा किया कि “असली योजना और बुनियादी काम उनकी सरकार के समय हुआ, बाकी उद्घाटन की चमकाहट बाद में आई है।”


राजनीतिक दावे और नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया

इस तरह जेवर एयरपोर्ट के लिए तीनों बड़ी पार्टियों—बीजेपी, सपा और बसपा—के नेताओं ने अलग‑अलग तरीके से अपना योगदान बताकर क्रेडिट की जंग छेड़ दी है। बीजेपी इसे अपनी “दोहरी इंजन सरकार” की सफलता के रूप में पेश कर रही है, वहीं सपा और बसपा अपने‑अपने कार्यकाल की योजनाओं को आधार बताते हुए परियोजना का श्रेय बांटने पर जोर दे रहे हैं।

सोशल मीडिया और न्यूज़ पोर्टल्स पर यह मुद्दा ट्रेंड भी कर रहा है, जहां यूज़र्स इस बात पर वाद‑विवाद कर रहे हैं कि असली क्रेडिट किसके पास है—उस सरकार का जिसने फैसला लिया या उसकी जो योजना बनाई गई थी? कई एक्सपर्ट्स इसे राज्य में आगामी चुनावी दौर की तैयारी का हिस्सा मान रहे हैं, जहां बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर राजनीतिक दावे और वार‑पलटवार ओर तेज होता दिख रहा है।

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