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मुंबई (संसद वाणी): मलाड न्यू लिंक रोड स्थित MG कार शोरूम के बाहर ट्रैफिक नियमों को मज़ाक बनाकर रख दिया गया है। मुख्य सड़क पर नो-पार्किंग का बोर्ड साफ़-साफ़ लगा होने के बावजूद शोरूम के बाहर एक नहीं, बल्कि दो-दो कतारों (Double Lane) में लगातार 20 से 25 गाड़ियां अवैध रूप से खड़ी की जा रही हैं।
कार्रवाई से बचने के लिए अधिकारियों का बचकाना बहाना
जब भी इस धांधली की शिकायत RTO या ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों से की जाती है, तो वे कार्रवाई करने के बजाय एक अजीबोगरीब एक्सक्यूज (बहाना) पेश कर देते हैं। अधिकारियों का कहना होता है कि “हम जब मौके पर पहुंचते हैं, तो ड्राइवर गाड़ियों को तुरंत हटा लेते हैं।”
यह सफ़ाई है या जनता की आंखों में धूल झोंकने का बड़ा झूठ?
‘संसद वाणी’ इस हास्यास्पद बहाने पर सीधे सवाल उठाती है:
- क्या मुख्य सड़क पर 20 से 25 गाड़ियों के ड्राइवर हर वक्त गाड़ी की स्टीयरिंग थामे सिर्फ इसीलिए खड़े रहते हैं कि पुलिस के आते ही गाड़ी भगा लें?
- क्या दर्जनों गाड़ियों के चालक एक साथ, एक ही सेकंड में अंतर्यामी की तरह अलर्ट होकर गाड़ियां गायब कर देते हैं?
- सच यह है कि मौके पर चालान काटने या गाड़ी क्रेन से उठाने के बजाय केवल ‘बहानेबाज़ी’ करके मामले को रफ़ा-दफ़ा कर दिया जाता है।
कार्रवाई नहीं, तो क्या चल रही है ‘मलाई की सेटिंग’?
जब इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियां रोज़ाना नो-पार्किंग जोन में खड़ी होकर आम जनता के लिए ट्रैफिक जाम का सबब बन रही हैं, तब भी अधिकारियों का मौन रहना किसी बड़ी साठ-गांठ की तरफ इशारा करता है। संसद वाणी के पास केवल सवाल उठाने और कलम चलाने का अधिकार है, लेकिन जिन अधिकारियों को सिस्टम ने कार्रवाई की संवैधानिक पावर दे रखी है, वे कार्रवाई करने के बजाय केवल मलाई खाने और झूठे एक्सक्यूज देने में व्यस्त हैं।
मांग: झूठे बहाने बंद हों, अफसरों पर हो निलंबन की कार्रवाई
- गोरेगांव ट्रैफिक विभाग के उन अफसरों की विभागीय जांच हो जो 20-25 गाड़ियों के लगे होने के बावजूद “ड्राइवर गाड़ी हटा लेते हैं” जैसा सफेद झूठ बोलकर कार्रवाई से पल्ला झाड़ते हैं।
- संज्ञान न लेने वाले और अवैध पार्किंग को संरक्षण देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड किया जाए।
- MG कार शोरूम प्रबंधन पर सड़क को निजी पार्किंग बनाने के जुर्म में भारी-भरकम चालान और दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाए।