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मुम्बई

मालाड न्यू लिंक रोड पर MG कार शोरूम की ‘दबंगई’: RTO और गोरेगांव ट्रैफिक का नया ड्रामा, ‘No Parking’ बोर्ड बना शोपीस!

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स्पेशल ब्यूरो, मुंबई (संसद वाणी) — मुंबई के व्यस्तम रास्तों में शुमार मालाड वेस्ट स्थित न्यू लिंक रोड पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह पंगु हो चुकी है। वजह है— MG (Morris Garages) कार शोरूम द्वारा सार्वजनिक सड़क को अपना ‘प्राइवेट पार्किंग अड्डा’ बना लेना। संसद वाणी (Sansad Vani) की टीम द्वारा मौके पर की गई पड़ताल में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि जिस जगह प्रशासन ने आधिकारिक ‘No Parking’ का बोर्ड लगा रखा है, ठीक उसी बोर्ड के नीचे कतारबद्ध तरीके से एमजी कार शोरूम की नई और अन-रजिस्टर्ड गाड़ियाँ घंटों खड़ी रहती हैं।

जब इस खुले आम दबंगई को लेकर संसद वाणी ने आवाज उठाई, तो गोरेगांव ट्रैफिक विभाग और मुंबई आरटीओ (RTO) का एक ‘नया ड्रामा’ और अजीबोगरीब बहानेबाज़ी देखने को मिली।

गोरेगांव ट्रैफिक का ‘आने-जाने’ वाला नया नाटक!

लगातार मिल रही जन-शिकायतों के बाद जब ट्रैफिक विभाग से जवाब मांगा जाता है, तो अधिकारियों का रटा-रटाया तर्क होता है: “हम जब कार्रवाई करने जाते हैं, तब गाड़ियाँ हट जाती हैं और हमारे आते ही फिर लग जाती हैं!”

संसद वाणी सीधे तौर पर RTO अधिकारियों और गोरेगांव ट्रैफिक पुलिस से सवाल पूछता है:

  1. क्या आरटीओ के जाते ही सारी गाड़ियाँ ‘अदृश्य’ हो जाती हैं?
    एमजी कार शोरूम के बाहर एक-दो नहीं, बल्कि लाइन से दर्जनों व्यावसायिक और टेस्ट-ड्राइव गाड़ियाँ दिन-रात खड़ी रहती हैं। क्या यह मुमकिन है कि आरटीओ या ट्रैफिक अधिकारियों के आते ही पूरी सड़क 1 मिनट में खाली हो जाए? यह सिर्फ जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला बहाना है या फिर प्रशासनिक नाकामी?
  2. शिकायत का नतीजा ‘जीरो’ क्यों?
    संसद वाणी द्वारा अनगिनत बार सबूतों के साथ शिकायत करने के बाद भी धरातल पर कार्रवाई का असर शून्य (Zero) क्यों है? कार्रवाई के नाम पर केवल रसीद फाड़कर खानापूर्ति की जाती है, लेकिन सड़क से एक भी गाड़ी स्थाई रूप से क्यों नहीं हटती?
  3. यह लाचारी है या शोरूम पर ‘विशेष आशीर्वाद’?
    आम नागरिक अपनी बाइक या कार 2 मिनट के लिए खड़ी कर दे, तो क्रेन तुरंत गाड़ी उठा ले जाती है। लेकिन इस नामी एमजी कार शोरूम के खिलाफ क्रेन बुलाकर गाड़ियाँ ज़ब्त (Impound) करने का जिगरा प्रशासन क्यों नहीं दिखा पा रहा? क्या इस शोरूम पर RTO या ट्रैफिक के किसी बड़े साहब का ‘अभय हस्त’ है?

RTO और ट्रैफिक विभाग के लिए ‘संसद वाणी’ के तीखे सवाल

  • ट्रेड सर्टिफिकेट और लाइसेंस रद्द क्यों नहीं?
    किसी भी कार शोरूम को ट्रेड लाइसेंस और RTO परमिट इस शर्त पर मिलता है कि उनके पास अपने स्टॉक और गाड़ियों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त In-House Storage/Parking होगी। जब एमजी शोरूम सार्वजनिक सड़क पर अपनी गाड़ियाँ खड़ी कर रहा है, तो आरटीओ उनका लाइसेंस सस्पेंड करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाता?
  • जनता के समय और सुरक्षा का नुकसान कौन भरेगा?
    न्यू लिंक रोड पर इस अवैध कब्जा के कारण रोजाना लंबा ट्रैफिक जाम लगता है, पैदल चलने वालों को जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर चलना पड़ता है। किसी दुर्घटना की जिम्मेदारी किसकी होगी?

संसद वाणी का अल्टीमेटम

यदि अगले 48 घंटों के भीतर मुंबई RTO और गोरेगांव ट्रैफिक विभाग संयुक्त रूप से सख्त कदम उठाते हुए:

  1. ‘No Parking’ ज़ोन में खड़ी एमजी शोरूम की सभी गाड़ियों को क्रेन से ज़ब्त नहीं करता,
  2. नियम तोड़ने वाले शोरूम प्रबंधन को कड़ा कानूनी नोटिस जारी नहीं करता,

तो संसद वाणी इस मामले को परिवहन आयुक्त (Transport Commissioner, Maharashtra), आरटीओ मुख्य कार्यालय और मुंबई ट्रैफिक पुलिस कमिश्नर के समक्ष औपचारिक रूप से ले जाएगा और सड़क खाली होने तक यह मुहिम जारी रहेगी।

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