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मुंबई/संसद वाणी: मालाड वेस्ट के माइंडस्पेस (न्यू लिंक रोड, लिंकवे स्टेट, शॉप नं. 10, 11, 12) स्थित ग्रीन्स रेस्टोरेंट के बाहर का नजारा स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पिछले करीब 5 महीनों से लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद यहाँ मुख्य सड़क से एक दिन भी अवैध कब्जा नहीं हटाया गया है। इसे देखकर जनता अब यह चर्चा करने पर मजबूर है कि आखिर गोरेगांव ट्रैफिक विभाग की इस चुप्पी के पीछे कौन सा राज छुपा है?
पार्किंग नहीं, फिर भी एनओसी का खेल और ट्रैफिक की चुप्पी
- 5 महीने से जस के तस हालात: लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन का इस तरह खामोश रहना यह साबित करता है कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को संरक्षण मिल रहा है। सड़क पर हर वक्त वाहनों का जमघट लगा रहता है, जिससे राहगीरों का चलना मुहाल हो गया है।
- बड़ा सवाल—बिना पार्किंग के एनओसी कैसे?: सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब इस रेस्टोरेंट के पास खुद की पार्किंग की वैध जगह ही उपलब्ध नहीं है, तो फिर बीएमसी और आरटीओ द्वारा किस आधार पर एनओसी (NOC) जारी की गई है? क्या जनता की असुविधा की कीमत पर यह परमिशन दी गई है?
- गोरेगांव ट्रैफिक विभाग की संदिग्ध भूमिका: आम जनता की छोटी-सी गलती पर तुरंत कार्रवाई करने वाला ट्रैफिक महकमा इस व्यावसायिक प्रतिष्ठान के सामने पूरी तरह मौन क्यों बना हुआ है?
इस गंभीर मामले पर स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों में भारी रोष है। संबंधित विभागों को इस अव्यवस्था पर जल्द से जल्द संज्ञान लेकर उचित प्रशासनिक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जनता को इस समस्या से राहत मिल सके।