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खेलकूद के साथ बच्चों को दिए गए पुरस्कार, मुख्य अतिथि ओम प्रकाश मिश्रा और समाजसेवी देबब्रत बर्मन ने संस्था के प्रयासों की जमकर सराहना की
मुंबई/मालवणी। समाज में शिक्षा और जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में वशिष्ठ समाज सेवा संस्था द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। रविवार, 30 अगस्त को मालवणी गेट क्रमांक-5 स्थित विश्वशांति बुद्ध विहार, मालवणी पुलिस स्टेशन के बगल में आयोजित कार्यक्रम में संस्था की ओर से 70 बच्चों को स्कूल बैग, कलर किट, किताबें, टिफिन बॉक्स और पानी की बोतल वितरित की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करना और उनके चेहरे पर मुस्कान लाना था। सामग्री वितरण के साथ बच्चों के लिए खेलकूद एवं मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मुख्य अतिथियों के हाथों अलग से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री ओम प्रकाश मिश्रा जी, हाई कोर्ट के अधिवक्ता, एवं श्री देबब्रत बर्मन, सुप्रसिद्ध समाजसेवी, उपस्थित रहे। इनके अलावा श्री प्रमोद विश्वकर्मा, श्री प्रमोद शुक्ला, श्री सम्राट बघुल, श्री संतराम, श्री देशमुख, श्रीमती जानवी पवार, श्री मंगेश चौधरी, श्री अब्दुल करीम शेख, श्री अरविंद मिश्रा एवं मिस नेहा शेख सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
संस्था के सचिव अभिषेक अनिल वशिष्ठ के प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि श्री ओम प्रकाश मिश्रा और समाजसेवी श्री देबब्रत बर्मन ने वशिष्ठ समाज सेवा संस्था की इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा के लिए इस प्रकार की पहल समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
मुख्य अतिथियों ने संस्था के सचिव अभिषेक अनिल वशिष्ठ के प्रयासों की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास सराहनीय है। उनके अनुसार, अपने स्तर पर संसाधन जुटाकर जरूरतमंद बच्चों तक शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने की सोच समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली सोच है।
उन्होंने कहा कि किसी बच्चे के हाथ में किताब, स्कूल बैग और पढ़ाई की सामग्री देना केवल वस्तुओं का वितरण नहीं है, बल्कि उसके भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है।
स्मिता वशिष्ठ की भी हुई सराहना
कार्यक्रम में वशिष्ठ समाज सेवा संस्था की कोषाध्यक्ष श्रीमती स्मिता वशिष्ठ की भी बच्चों के प्रति समर्पण और संवेदनशीलता के लिए सराहना की गई। अतिथियों ने कहा कि बच्चों के प्रति संस्था के पदाधिकारियों का प्रेम और लगाव यह उम्मीद जगाता है कि आने वाले समय में यदि समाज और लोगों का सहयोग संस्था को मिलता रहा, तो अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा की सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं।
“हर बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना” संस्था का संकल्प
वशिष्ठ समाज सेवा संस्था का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल एक दिन सामग्री बांटना नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास करना है। संस्था की इस पहल में स्कूल बैग, किताबें, कलर किट, टिफिन और पानी की बोतल जैसी उपयोगी सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराई गई, ताकि उनके स्कूल जाने और पढ़ाई करने में सुविधा हो।
कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि समाज में बदलाव हमेशा बड़े संसाधनों से ही नहीं, बल्कि एक छोटी और ईमानदार पहल से भी शुरू हो सकता है।
अभिषेक अनिल वशिष्ठ की सोच बनी चर्चा का विषय
इस पूरे कार्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि संस्था के सचिव अभिषेक अनिल वशिष्ठ ने बच्चों की शिक्षा को लेकर व्यक्तिगत स्तर पर पहल की और कार्यक्रम को सफल बनाने का प्रयास किया। अतिथियों ने उनके इस दृष्टिकोण को सराहनीय बताते हुए कहा कि यदि समाज के सक्षम लोग बच्चों की शिक्षा के लिए इसी तरह आगे आएं, तो अनेक जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिल सकती है।
वशिष्ठ समाज सेवा संस्था की यह पहल समाज और सरकार दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देती है—जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति की भी जिम्मेदारी है।
एक स्कूल बैग किसी बच्चे के लिए सिर्फ बैग नहीं होता—वह उसके सपनों को स्कूल तक ले जाने का माध्यम होता है। और एक किताब उसके भविष्य की पहली सीढ़ी बन सकती है।
वशिष्ठ समाज सेवा संस्था की यह पहल इसी सोच को जमीन पर उतारने का एक प्रयास है।