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कार्रवाई से पहले ही स्टॉल संचालकों को मिल जाती है भनक! हफ्ता वसूली के आरोपों के बीच अतिक्रमण अधिकारी प्रवीण वाघेला की भूमिका पर उठे सवाल; सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने बुलंद की आवाज।
मुंबई, मालाड (प.)/संसद वाणी: मालवणी गेट क्रमांक 5, अब्दुल हमीद मार्ग स्थित हजरत अली मस्जिद के सामने मुख्य फुटपाथ पर खुलेआम अवैध अतिक्रमण का खेल जारी है। फुटपाथ पर अवैध रूप से लगाए जा रहे चिकन शावरमा स्टॉल के कारण स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
शाम होते ही गायब हो जाता है फुटपाथ, हादसे का खतरा
स्थानीय निवासियों के अनुसार, रोजाना शाम लगभग 7 बजे से रात 12 बजे तक फुटपाथ के एक बड़े हिस्से पर यह अवैध स्टॉल जमा लिया जाता है। फुटपाथ पूरी तरह ब्लॉक हो जाने के कारण पैदल यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर व्यस्त मुख्य सड़क पर उतरकर गुजरना पड़ता है। गाड़ियों की आवाजाही के बीच मुख्य सड़क पर चलने से यहाँ हर वक्त गंभीर सड़क दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
कार्रवाई से पहले ही ‘लीक’ हो जाती है खबर!
इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों ने बीएमसी ‘पी/पश्चिम’ वार्ड के अतिक्रमण निर्मूलन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नागरिकों का आरोप है कि शिकायत मिलने के बावजूद बीएमसी द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। हैरान करने वाली बात यह है कि जब भी बीएमसी की टीम कार्रवाई के लिए निकलती है, संबंधित स्टॉल संचालकों को पहले ही सूचना मिल जाती है और वे कार्रवाई से बचने के लिए तुरंत सामान हटा लेते हैं। गाड़ी के जाते ही स्टॉल फिर सज जाता है।
अधिकारी की भूमिका पर जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों ने वरिष्ठ निरीक्षक एवं अतिक्रमण निर्मूलन अधिकारी प्रवीण वाघेला की भूमिका पर संदेह व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि क्या बीएमसी और हफ्ता वसूलने वाले बिचौलियों के बीच कोई अंदरूनी साठगांठ है? यदि निष्पक्ष जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनैतिक साठगांठ पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के तबादले और नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
📌 नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगें:
- अवैध स्टॉल हटाना: मालवणी गेट नं. 5 पर लगाए गए अवैध शावरमा स्टॉल पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।
- अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ: ‘पादचारी प्रथम’ नीति के तहत पैदल मार्ग को नागरिकों के चलने योग्य बनाया जाए।
- पारदर्शी जांच: बीएमसी अतिक्रमण विभाग के संबंधित अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच हो।
- सख्त कार्रवाई: लापरवाही या साठगांठ साबित होने पर दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाए।
- नियमित गश्त: क्षेत्र में दोबारा अवैध कब्जे न हों, इसके लिए नियमित एंटी-एनक्रोचमेंट ड्राइव चलाई जाए।
“मुंबई महानगरपालिका एक तरफ शहर में ‘पादचारी प्रथम’ अभियान की बात करती है, वहीं मालवणी में नागरिक फुटपाथ के बजाय सड़क पर चलने को मजबूर हैं। अब देखना यह होगा कि बीएमसी प्रशासन इस गंभीर जनसमस्या पर कब जागता है।”
— सम्राट बागुल (सामाजिक कार्यकर्ता)