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राजनीति

‘हारी बेटियां, जीते बृजभूषण शरण,’ क्या पहलवानों से पंगा बिगाड़ेगा BJP का खेल?’

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बृजभूषण शरण सिंह का ‘दबदबा’ कम नहीं हुआ. बीजेपी ने उनके बेटे करण सिंह को कैसरगंज से उतार दिया है. महिला पहलवानों ने उनके टिकट मिलने पर ऐतराज जताया है।

गोंडा जिले की कैसरगंज लोकसभा सीट. उत्तर प्रदेश की सियासत पर नजर रखने वाले लोगों को पता है कि बृजभूषण शरण सिंह का यहां रसूख कितना है. पहलवानों के यौन शोषण के उन पर गंभीर आरोप हैं. आरोप लगाने वाली ओलंपियन महिला पहलवान भी हैं फिर भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) उनके ‘दबदबे’ से बाहर नहीं निकल पाई.  बीजेपी ने गुरुवार को ऐलान किया कि इस सीट से करण भूषण सिंह चुनाव लड़ेंगे. 

करण भूषण सिंह बृजभूषण शरण सिंह के बेटे हैं. कैसरगंज बृजभूषण परिवार के दबदबे वाली सीट रही है. उनकी पकड़ इतनी है कि तमाम विरोधों के बाद भी बीजेपी उन्हें दरकिनार नहीं कर पाई. बृजभूषण 6 बार के सांसद रहे हैं, उनके खिलाफ बीजेपी का इतना ही एक्शन है कि इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया. वजह यह थी कि उन पर यौन शोषण के आरोप हैं और कोर्ट में सुनवाई चल रही है. अब कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी रेपिस्टों को बचा रही है, तभी तो यौन शोषण के आरोपी के बेटे को टिकट दे रही है.

हार गईं बेटियां, जीते बृजभूषण

रियो ओलंपिक्स में ब्रोंज मेडल जीतने वाली साक्षी मलिक ने X पर लिखा, ‘देश की बेटियां हार गई, बृजभूषण जीत गया. हम सबने अपना करियर दांव पे लगाया, कई दिन धूप बारिश में सड़क पर सोये. आज तक बृजभूषण को गिरफ़्तार नहीं किया गया. हम कुछ नहीं मांग रहे थे, सिर्फ़ इंसाफ़ की मांग थी. गिरफ़्तारी छोड़ो, आज उसके बेटे को टिकट देके आपने देश की करोड़ों बेटियों का हौसला तोड़ दिया है. टिकट जाएगी तो एक ही परिवार में, क्या देश की सरकार एक आदमी के सामने इतनी कमज़ोर होती है? प्रभु श्री राम के नाम पर सिर्फ़ वोट चाहिए, उनके दिखाए मार्ग का क्या?’

साक्षी मलिक ने खेल से संन्यास ले लिया था क्योंकि बृजभूषण सिंह का ही एक भरोसेमंद संजय सिंह, भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष चुने गए थे. साक्षी मलिक की मां सुदेश ने कहा, ‘मेरी बेटी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कुश्ती छोड़ी. बजरंग और विनेश ने अपने पदक लौटा दिए. सब व्यर्थ हो गया.’ 

अब तक इस केस में क्या हुआ है?

जून 2023 में दिल्ली पुलिस ने 1000 पन्नों की एक चार्जशीट बृजभषण शरण सिंह के खिलाफ तैयार की. उनके ऊपर, 354, 354डी,  354ए  और यौन उत्पीड़न के मामले में केस दर्ज है. इस केस की सुनवाई राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रही है. बीते महीने बृजभूषण की एक अर्जी खारिज हुई थी जिसमें उन्होंने जांच टालने की बात कही थी. अब 7 मई को इस केस पर सुनवाई है.

पहलवानों का कहना है कि बीजेपी ने पहलवानों की पीठ में छूरा घोंपा है. रेसलर जितेंद्र कुमार ने कहा है कि सरकार बार-बार हमें धोखा दे रही है. क्या इसीलिए हम सड़कों पर सोये? क्या हमने इसी के लिए लड़ाई लड़ी? बृजभूषण के लोग WFI में वापस आ गए हैं और अब उनका बेटा चुनाव लड़ेगा. यह शर्म की बात है.’

टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया ने कहा है कि यह देश का दुर्भाग्य है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कहती है, लेकिन अपने लाखों कार्यकर्ताओं में से पार्टी को सिर्फ करण सिंह ही मिला. 

क्या ये आरोप बिगाड़ेंगे बीजेपी का गेम?

हरियाणा में पहलवानों का एक बड़ा तबका, बीजेपी के खिलाफ उतर चुका है. वहां किसान पहले से नाराज हैं. बीजेपी ने बृजभूषण के बेटे को टिकट देकर आफत मोल ले ली है. विपक्ष का कहना है कि सरकार आरोपियों को बचाती है. बेटी बचाने का दावा करती है और बेटियों के शोषणकर्ता के बेटे को चुनावी मैदान में उतार देती है. हरियाणा में लोकसभा की 10 सीटें हैं. वहां की राजनीति में अखाड़े भी सक्रिय रहे हैं. जाट वोटर बीजेपी के इस कदम से पहले ही नाराज हैं. ऐसे में बीजेपी की सियासी मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

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