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मुम्बई

जन कल्याण नगर में फुटपाथ निगला अतिक्रमण: 24 घंटे अवैध कब्जे से जनता बेहाल, स्कूली बच्चों की जान हथेली पर!

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🗓️ विशेष रिपोर्ट: मीडिया डेस्क

मुंबई/संसद वाणी: मुंबई के जनकल्याण नगर मालाड वेस्ट में बीएमसी (BMC) की लापरवाही और भ्रष्ट तंत्र की सांठगांठ के चलते आम जनता का जीना दूभर हो गया है। पूरे इलाके के फुटपाथ पर अवैध सब्जी मंडी और फेरीवालों का कब्जा इस कदर जम चुका है कि पैदल चलने वालों के लिए एक इंच जगह भी नहीं बची है। स्थिति इतनी गंभीर है कि यह अतिक्रमण सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि रात के समय भी सब्जी विक्रेता अपने सामान और ठेले को फुटपाथ पर ही तिरपाल व प्लास्टिक से ढककर बंद कर देते हैं। यानी जनकल्याण का फुटपाथ पूरे 24 घंटे अवैध रूप से ‘लॉक’ रहता है।

⚠️ मासूम स्कूली बच्चों और पैदल यात्रियों की जान पर मंडराता खतरा

फुटपाथ पूरी तरह ब्लॉक हो जाने के कारण स्थानीय निवासियों, बुजुर्गों और महिलाओं को मुख्य सड़क पर गाड़ियों के बीच जान जोखिम में डालकर चलना पड़ता है। जब संकरी सड़क पर एक तरफ से कार या भारी वाहन आता है, तो पैदल यात्रियों के पास बचने की जगह तक नहीं होती।

सबसे खतरनाक स्थिति तब पैदा होती है जब पास के स्कूल की छुट्टी होती है। मासूम बच्चे गाड़ियों की आवाजाही के बीच मुख्य सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। किसी भी दिन यहाँ बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन मलाईखोर तंत्र और बेफिक्र अतिक्रमणकारियों को जनता की सुरक्षा से कोई सरोकार नहीं है।

🚨 कार्रवाई से पहले ही लीक होती है सूचना: ‘सेटिंग’ का खेल उजागर

स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि जब भी बीएमसी के सी-वार्ड या संबंधित प्रशासनिक टीम में शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है।

अवैध दुकानदारों से ‘हफ्ता वसूली’ करने वाले असामाजिक तत्व और मुखबिर बीएमसी की गाड़ियों के आने से पहले ही फेरीवालों को अलर्ट कर देते हैं। सूचना मिलते ही दुकानदार अस्थायी रूप से सामान समेट लेते हैं। बीएमसी की टीम आती है, खाली सड़क की फोटो खींचकर चली जाती है और उनके जाते ही 10 मिनट के भीतर फिर से वही अवैध बाजार सज जाता है। इस खोखली और ढोंगी कार्रवाई से बीएमसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

बड़ा सवाल: क्या जनकल्याण नगर में भी जड़ से खत्म होगी समस्या?

हाल के दिनों में ‘संसद वाणी’ के प्रमुखता से मुद्दे उठाने और निरंतर दबाव बनाने के बाद मुंबई के कई अन्य संवेदनशील इलाकों से अवैध अतिक्रमण को जड़ से समाप्त किया गया है। वहाँ की सड़कें और फुटपाथ आज जनता के लिए पूरी तरह साफ हो चुके हैं।

ऐसे में अब जनकल्याण नगर की जनता बीएमसी कमिश्नर, स्थानीय वार्ड अधिकारी और पुलिस प्रशासन से सीधा सवाल पूछ रही है:

  1. क्या जनकल्याण नगर के इस फुटपाथ को भी जड़ से अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा?
  2. या फिर हफ्ता वसूलने वाले मलाईखोरों और भ्रष्ट अधिकारियों की साठगांठ के आगे प्रशासन यूं ही घुटने टेके रहेगा?

स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस 24 घंटे के अवैध कब्जे पर सख्त और स्थायी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बीएमसी वार्ड कार्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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