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राजनीति

नाशिक खराट मामले में नाम जुड़ने के बाद महाराष्ट्र महिला आयोग अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा

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नाशिक/मुंबई, 28 मार्च 2026: महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने नाशिक खराट मामले में नाम जुड़ने के आरोपों के बाद इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला राजनीतिक हलचल मचा रहा है, क्योंकि चाकणकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की प्रमुख नेता हैं। आयोग के सदस्यों और पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद उन्होंने यह कदम उठाया।

इस घटना ने महाराष्ट्र महिला आयोग और खराट विवाद को नई ऊंचाई दे दी है, जहां महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने वाली संस्था की अध्यक्ष पर ही सवाल उठ रहे हैं।

इस्तीफे की पूरी कहानी: क्या हुआ था?

नाशिक के बहुचर्चित खराट मामले में चाकणकर का नाम जोर-शोर से चर्चा में आया। यह मामला एक कथित विवादास्पद घटना से जुड़ा है, जिसमें स्थानीय स्तर पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगे। मुख्य बिंदु:

  • आरोपों का आधार: विपक्षी दलों ने चाकणकर पर मामले में संलिप्तता का आरोप लगाया, जिससे आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए।
  • आयोग की प्रतिक्रिया: महिला आयोग ने स्वयं जांच शुरू की थी, लेकिन अध्यक्ष के नाम आने से नैतिक आधार पर इस्तीफा अपरिहार्य हो गया।
  • समयरेखा:तारीखघटना25 मार्च 2026खराट मामले में नया ट्विस्ट, चाकणकर का नाम सामने आया27 मार्च 2026एनसीपी नेतृत्व से चर्चा28 मार्च 2026औपचारिक इस्तीफा सौंपा गया

चाकणकर ने इस्तीफे में कहा, “महिला आयोग की गरिमा बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था। जांच पूरी होने तक मैं पद पर नहीं रहूंगी।”

राजनीतिक प्रभाव: एनसीपी पर क्या असर?

रूपाली चाकणकर, जो एनसीपी (एससीपी) की कोर कमेटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, का इस्तीफा पार्टी के लिए झटका है।

  • विपक्षी दल भाजपा ने इसे “महिलाओं के अधिकारों पर सवाल” बताते हुए हमला बोला।
  • एनसीपी ने स्पष्ट किया कि चाकणकर निर्दोष हैं और यह राजनीतिक साजिश है।
  • नाशिक और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले यह मुद्दा गरमाता जा रहा है।

महिला आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर जल्द फैसला अपेक्षित है, जो राज्य सरकार करेगी।

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