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मालवणी गेट नंबर 8: म्हाडा अधिकारी संतोष कांबले की चुप्पी पर सवाल, म्हाडा की जमीन पर अवैध पार्किंग का कब्जा, आपातकालीन रास्ता बंद होने से निवासी त्रस्त

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मुंबई (मालवणी): मालवणी के समाना नगर, गेट नंबर 8 स्थित ‘संसद वाणी’ क्षेत्र में इन दिनों निवासियों का जीना दूभर हो गया है। आरोप है कि म्हाडा (MHADA) की सुरक्षित जमीन पर कुछ रसूखदार व्यक्तियों द्वारा अवैध तरीके से कब्जा कर उसे पार्किंग और ऑटो स्टैंड में तब्दील कर दिया गया है, जिससे आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड का अंदर आना असंभव हो गया है।

अधिकारी संतोष कांबले की भूमिका पर गंभीर आरोप

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात म्हाडा अधिकारी संतोष कांबले की भूमिका को लेकर सामने आ रही है। स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि संतोष कांबले को इस पूरे अवैध धंधे और निवासियों की तकलीफों की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी आंखों और मुंह पर पट्टी बांधकर बैठे हैं। जनता का सवाल है कि सब कुछ जानते हुए भी वे कार्रवाई से क्यों बच रहे हैं?

फेडरेशन के नाम पर अवैध वसूली का आरोप

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एक व्यक्ति ने कथित तौर पर एक ‘फेडरेशन’ का गठन किया और म्हाडा की सार्वजनिक जमीन को अपनी संपत्ति बताकर वहां अवैध पार्किंग का धंधा शुरू कर दिया। निवासियों का कहना है कि इस जमीन का उपयोग पहले निवासियों की सुविधा और आपातकालीन रास्तों के लिए सुरक्षित था, लेकिन अब यहाँ व्यावसायिक लाभ के लिए गाड़ियां खड़ी की जा रही हैं।

म्हाडा के नोटिस के बाद ‘बदले’ की राजनीति?

मामले की गंभीरता को देखते हुए म्हाडा प्रशासन ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर अवैध पार्किंग को तुरंत बंद करने का आदेश दिया था। हालांकि, कार्रवाई के बाद स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ गई है। आरोप है कि अवैध पार्किंग चलाने वाले बालासाहेब भगत ने नोटिस मिलने के बाद जगह तो खाली नहीं की, बल्कि उसे जानबूझकर ‘खंडहर’ में तब्दील करना शुरू कर दिया है।

बिल्डिंग 1-डी बना ‘ऑटो रिक्शा स्टैंड’

निवासियों ने शिकायत की है कि बिल्डिंग संख्या 1-डी के सामने के हिस्से को अब पूरी तरह से ऑटो रिक्शा स्टैंड बना दिया गया है। इससे न केवल पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही है, बल्कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

हैरानी की बात यह है कि म्हाडा द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जमीन पर से अतिक्रमण हटाने के लिए कोई ठोस जमीनी कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि म्हाडा के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले पर आंखें मूंदे बैठा है, जिससे भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

निवासियों की मांग:

  1. म्हाडा तुरंत पुलिस बल के साथ मिलकर अवैध पार्किंग और ऑटो स्टैंड को हटाए।
  2. आपातकालीन रास्तों को तुरंत बहाल किया जाए।
  3. सार्वजनिक जमीन को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

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