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मजबूत तथ्यों के साथ पैरवी कर अधिक से अधिक अपराधियों को सजा दिलाने हेतु प्रयास करने के दिए निर्देश।
राजेश गुप्ता
मऊ/संसद वाणी :जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
अभियाजन शाखा की समीक्षा के दौरान संयुक्त निदेशक अभियोजन ने बताया कि अधीनस्थ न्यायालयों में आईपीसी के तहत कुल 117 मामले निस्तारित किए गए, जिनमें 27 में सजा, तीन में रिहाई एवं 62 में सुलह,18 सत्र सुपुर्द 11 उन्मोचित 12 दाखिल दफ्तर हुआ।अन्य अधिनियम के तहत कुल 19 वादों का निस्तारण हुआ जिसमें 11 में सजा एक में सत्र सुपुर्द एवं 7 में दाखिल दफ्तर हुआ।
इसी प्रकार सत्र न्यायालय में आईपीसी की धाराओं के कुल 24 मामलों में निस्तारण हुआ जिनमें 9 में सजा एवं 15 में रिहाई हुई। एससी /एसटी एक्ट के तहत कुल 11 वादों का निस्तारण हुआ जिसमें 10 में सजा एक में दाखिल दफ्तर, गैंगस्टर के तहत एक वाद निस्तारित हुआ जिसमें सजा हुई। इसी प्रकार पॉक्सो एक्ट के तहत कुल पांच मामले निस्तारित हुए दिन में तीन में सजा एवं दो में रिहाई हुई। इस प्रकार मार्च महीने में अधीनस्थ एवं सत्र न्यायालय के कुल 177 बाद निस्तारित किए गए, जिनमें 61 में सजा,20 में रिहाई, 62 में सुलह,19 मामले सत्र सुपुर्द तथा 15 मामलों में दाखिल दफ्तर हुआ। सत्र न्यायालय में निस्तारित मामलों में रिहाई के अधिकतर मामलों में पक्षद्रोहिता के कारणों के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने पक्ष द्रोही होने के कारण का पता लगाकर अपराधियों को सजा दिलाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जमानत के मामलों में पुलिस सक्रियता बढ़ाने एवं पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़िता के मेडिकल कराने में आने वाली बाधाओं को दूर करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। जिलाधिकारी ने संयुक्त निदेशक अभियोजन को गवाहों की गवाही सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में गवाही की संभावना न हो पूर्व में ही सूचना अवश्य दे दे, जिससे गवाहों को अनावश्यक भाग दौड़ ना करना पड़े।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने चुनाव के दृष्टिगत अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश जिला आबकारी अधिकारी को दिए। इसके अलावा गैंगस्टर के मामलों में संबंधित अपराधियों की संपत्तियों का चिन्हीकरण कर कुर्क की कार्रवाई करने के निर्देश भी जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। जिला अधिकारी ने गुंडा एक्ट के तहत जिलाबदर लोगों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। विशेष कर निर्वाचन के देखते हुए उन्होंने थाने पर हाजिरी एवं जिला बदर अपराधियों पर कड़ी नजर रखने को कहा। धार्मिक स्थलों पर लगाए गए लाउडस्पीकर की ध्वनि भी मानक के अनुरूप रखने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए।उन्होंने चुनाव के दृष्टिगत अगले 10 दिनों के अंदर धारा 107,116 के तहत कार्यवाही में तेजी लाने को कहा जिससे चुनाव में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न करने वालों के खिलाफ पूर्व में ही कार्यवाही जा सके। समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक इलामारन जी, अपर पुलिस अधीक्षक महेश कुमार अत्री, मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिला अधिकारी सत्यप्रिय सिंह,समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी सहित समस्त अभियोजन पक्ष उपस्थित रहे।
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