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कानपुर में अगरबत्ती फैक्ट्री में भीषण आग: कई श्रमिक झुलसे, लाखों का नुकसान

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कानपुर, उत्तर प्रदेश – 31 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक अगरबत्ती बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे कई श्रमिक झुलस गए और पूरी फैक्ट्री में भारी नुकसान हुआ है। दमकल की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा नियमों की जांच शुरू कर दी है।


आग कैसे लगी?

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक फैक्ट्री में शॉर्ट‑सर्किट या इलेक्ट्रिक वायरिंग में खराबी के कारण चिंगारी निकली, जिससे अगरबत्ती से संबंधित ज्वलनशील सामग्री तेजी से आग की चपेट में आ गई। लपटें बहुत तेजी से फैल गईं, जिससे भीतर काम कर रहे कई मजदूर फंस गए और झुलस गए।

इस तरह की घटनाएं चेतावनी के रूप में यह दिखाती हैं कि छोटी‑मोटी इलेक्ट्रिकल देख‑रेख में कटौती श्रमिकों की जान और फैक्ट्री की संपत्ति दोनों को खतरे में डाल सकती है।


श्रमिक कैसे हुए घायल?

आंकड़ों के अभाव में भी स्थानीय समाचारों के हवाले से पता चलता है कि आग लगने के दौरान फैक्ट्री में काम कर रहे छह‑सात कर्मचारी आग की चपेट में आ गए। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें कानपुर के बड़े सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

कई श्रमिकों के परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन शुरू में उचित तरीके से इलाज की व्यवस्था नहीं कर पाया, जिससे घायलों की स्थिति और बिगड़ सकती थी।


नुकसान और दमकल की कार्रवाई

जानकारी के अनुसार अगरबत्ती फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा जलकर राख हो गया और तैयार अगरबत्तियां, पैकिंग सामग्री व इलेक्ट्रिकल उपकरण नष्ट हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है, जबकि फैक्ट्री की इमारत को भी घंटों तक उच्च दबाव से पानी डालकर शांत किया गया।

घटना की सूचना मिलते ही कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और भारी पानी की बौछार से आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश की। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और पुलिस टीम भी घटनास्थल पर तत्काल पहुंच गई ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और आस‑पास के अन्य इकाइयों को भी नुकसान न पहुंचे।


सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल

कानपुर सहित उत्तर प्रदेश में अगरबत्ती, मच्छर अगरबत्ती और रसोई गैस जैसी ज्वलनशील वस्तुओं से जुड़ी फैक्ट्रियों में आग लगने की घटनाएं लगातार दर्ज हो रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में कन्नौज और कानपुर देहात समेत कई जगहों पर शॉर्ट‑सर्किट या गैस रिसाव से आग लगने की खबरें आई हैं, जिसमें श्रमिक घायल या जान गंवाते नजर आए हैं।

इस बार भी लोगों की मांग यह है कि

  • छोटी‑बड़ी इंडस्ट्रियल यूनिटों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया जाए,
  • हर शिफ्ट में आगबुझाने की ट्रेनिंग और साधन उपलब्ध कराए जाएं, और
  • जो फैक्ट्री मानकों का पालन नहीं करतीं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

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