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बरेली (उत्तर प्रदेश), 12 मार्च 2026:
बरेली में नमाज पढ़ने को लेकर हुए विवाद के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य को अदालत में तलब किया है। अदालत ने यह कार्रवाई उस याचिका पर की है जिसमें आरोप लगाया गया है कि एक व्यक्ति को अपने निजी घर में नमाज पढ़ने से रोका गया और पुलिस द्वारा कथित तौर पर दबाव बनाया गया।
क्या है पूरा मामला
यह मामला 16 जनवरी 2026 का बताया जा रहा है। बरेली के मोहम्मदगंज गांव में एक व्यक्ति के घर पर कुछ लोग नमाज अदा कर रहे थे। स्थानीय शिकायतों के बाद पुलिस ने कथित तौर पर वहां पहुंचकर नमाज रुकवा दी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, चालान किया और खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया।
इस घटना के खिलाफ पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसमें अधिकारियों की कार्रवाई को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति को अपने निजी परिसर में धार्मिक प्रार्थना या नमाज करने का अधिकार है और इसके लिए सरकार से अनुमति की आवश्यकता नहीं होती, जब तक कि इससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न हो।
अदालत ने अधिकारियों से इस मामले में जवाब मांगा है और दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। यदि वे पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
याचिकाकर्ता को सुरक्षा का आदेश
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए याचिकाकर्ता को 24 घंटे दो सशस्त्र पुलिसकर्मियों की सुरक्षा देने का आदेश भी दिया है। अदालत ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता या उसकी संपत्ति को कोई नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी राज्य प्रशासन की होगी।
अगली सुनवाई
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 को निर्धारित की है, जिसमें डीएम और एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा।