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दिल्ली

पियूष गोयल ने भारत की तीन प्रमुख नीतियों पर जोर दिया: आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा

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नई दिल्ली: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत नई भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक विश्व व्यवस्था में तीन प्रमुख सिद्धांतों पर काम कर रहा है: आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा। गोयल ने एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं, जहां उन्होंने भारत की वैश्विक भूमिका और आर्थिक रणनीतियों पर प्रकाश डाला।

आत्मनिर्भरता (Atmanirbharta): गोयल ने कहा कि आत्मनिर्भरता का अर्थ है देश के भीतर क्षमताओं का निर्माण करना, आपूर्ति श्रृंखलाओं और मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करना। उन्होंने रक्षा उत्पादन और निर्यात संवर्धन नीति 2020 का उदाहरण दिया, जो 2025 तक रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में 1.75 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य रखती है। यह नीति भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आत्मविश्वास (Atma Vishwasa): मंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व के साथ ताकत की स्थिति से जुड़ रहा है, और वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक समान भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बाहरी मामलों के मंत्री एस. जयशंकर के संयुक्त राष्ट्र में दिए गए बयान का जिक्र किया, जहां उन्होंने भारत को वैश्विक दक्षिण की आवाज़ के रूप में प्रस्तुत किया। गोयल ने कहा कि भारत अब केवल प्रौद्योगिकी या सहायता का प्राप्तकर्ता नहीं है, बल्कि विनिर्माण, अंतरिक्ष, फार्मास्यूटिकल्स और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रगति के आधार पर आत्मविश्वास से काम कर रहा है।

आत्मरक्षा (Atmaraksha): गोयल ने कहा कि आत्मरक्षा का मतलब भारतीयों की सुरक्षा और मानवता के व्यापक हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि यह नीति भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत और सुरक्षित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

गोयल की ये टिप्पणियां भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करती हैं, जो देश को आर्थिक और रणनीतिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

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