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ब्यूरो, मुंबई: क्या मुंबई की सड़कों पर कानून व्यवस्था और ट्रैफिक नियमों की उम्र सिर्फ कागजों तक सीमित है? क्या कांदीवली ट्रैफिक विभाग ने मलाड-चारकोप-मालवणी के इस मुख्य संपर्क मार्ग को अतिक्रमणकारियों और अवैध पार्किंग संचालकों के हवाले स्थाई रूप से सौंप दिया है? ‘संसद वाणी’ के हाथ लगी बेहद चौंकाने वाली जानकारियों और वीडियो साक्ष्यों को देखकर तो यही कड़वी हकीकत सामने आ रही है। विश्वस्त सूत्रों का सबसे बड़ा दावा है कि श्री सेवंतीलाल खांडवाला मार्ग पर अवैध गाड़ियों का यह जमावड़ा किसी एक या दो महीने से नहीं, बल्कि पिछले १५ वर्षों से लगातार जस का तस बना हुआ है।
अफ़सर बदलते रहे, कुर्सियां बदलती रहीं; पर नहीं बदली आम जनता की बदहाली!
इस डेढ़ दशक (१५ साल) के लंबे अंतराल के दौरान न जाने कितने बड़े-बड़े पुलिस अधिकारी कांदीवली ट्रैफिक विभाग की कुर्सियों पर आए और ट्रांसफर होकर चले गए, लेकिन अगर कुछ नहीं बदला, तो वह है यहाँ का प्रशासनिक रवैया और स्थानीय जनता की बदहाली। रोज इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों नागरिकों, कामकाजी महिलाओं और स्कूली बच्चों को प्रतिदिन इस भयंकर और नरकीय ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। सार्वजनिक सड़क को अवैध कब्जाधारियों ने एक स्थाई गैरेज और पार्किंग जोन में तब्दील कर दिया है, जिससे पूरी कानून व्यवस्था असहाय नजर आती है।
‘संसद वाणी’ के तीखे सवाल: रद्दी की टोकरी में जाती हैं हजारों शिकायतें?
१५ साल पुराने इस नासूर को लेकर ‘संसद वाणी’ सीधे तौर पर कांदीवली ट्रैफिक विभाग से कुछ कड़े सवाल पूछती है:
- सूत्रों के इस बड़े खुलासे के बाद अब कांदीवली ट्रैफिक विभाग के जिम्मेदार अधिकारी क्या सफाई देंगे? डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी आखिर आज तक आपके विभाग ने इस परमानेंट बन चुके अतिक्रमण को यहाँ से जड़ से हटाने की ज़हमत क्यों नहीं उठाई?
- क्या जनता द्वारा की गई हजारों शिकायतें और रोज का मानसिक तनाव सिर्फ दफ्तरों की रद्दी की टोकरी के लिए हैं? हकीकत यह है कि जब तक ट्रैफिक विभाग खुद कार्रवाई न करना चाहे, तब तक दिखावे के अलावा ज़मीन पर कुछ नहीं बदलता।
ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को ‘संसद वाणी’ का खुला अल्टीमेटम
अगर कांदीवली ट्रैफिक विभाग में कोई एक भी निष्ठावान और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी बचा है, तो वह श्री सेवंतीलाल खांडवाला मार्ग के इस १५ साल पुराने नासूर को यहाँ से जड़ से खत्म करके दिखाए। वरना केवल दिखावे की कागज़ी खानापूर्ति तो सालों से चल ही रही है। ‘संसद वाणी’ इस जन-विरोधी और सुस्त रवैये को तब तक पूरी मुंबई के सामने बेनकाब करती रहेगी, जब तक यहाँ की पीड़ित जनता को स्थाई रूप से न्याय नहीं मिल जाता।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): *यह रिपोर्ट पूर्णतः जनहित, सार्वजनिक सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई एक निष्पक्ष ग्राउंड रिपोर्ट है। ‘संसद वाणी’ मीडिया हाउस का उद्देश्य किसी अधिकारी की व्यक्तिगत छवि को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि जनहित में कानून का राज बहाल करवाना है।