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कांदिवली: मुंबई के कांदिवली स्थित छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स के एकता नगर रोड का नज़ारा किसी भी दिन एक बड़ी त्रासदी को निमंत्रण दे सकता है। स्थानीय निवासियों के लिए यह सड़क अब आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि ‘मौत का गोदाम’ बन चुकी है। यहाँ भारत गैस के 10 से 14 सिलेंडर से लदे भारी वाहन 24 घंटे खड़े रहते हैं, जो किसी भी वक्त एक बड़े विस्फोट या भीषण दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
ट्रैफिक विभाग की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सतीश राउत के जाने के बाद उम्मीद थी कि कांदिवली एकता नगर की यातायात और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। स्थिति पहले से भी बदतर हो चुकी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कांदिवली ट्रैफिक विभाग के अधिकारी इस गंभीर खतरे से पूरी तरह वाकिफ होने के बावजूद आंखें मूंदे बैठे हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि सिस्टम में बैठे इन अधिकारियों की संवेदनशीलता खत्म हो चुकी है। क्या कांदिवली ट्रैफिक विभाग किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? क्यों नियमों को ताक पर रखकर रिहायशी इलाके की सड़क पर ज्वलनशील पदार्थों से लदे ट्रकों को खड़ा करने की छूट दी गई है?
वशिष्ठ मीडिया हाउस का ‘मिशन सुरक्षित कांदिवली’
‘वशिष्ठ मीडिया’ ने अब इस जन-हितैषी मुद्दे को एक मिशन के रूप में लिया है। हमारा संकल्प स्पष्ट है—जब तक छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स की सड़क को इन खतरों से मुक्त नहीं कराया जाता, तब तक यह मुहिम जारी रहेगी।
हम संबंधित अधिकारियों को यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यदि प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, तो वशिष्ठ मीडिया की लीगल टीम इस मामले को न्यायालय तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है। जन-सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह कलम का प्रहार उन तमाम अधिकारियों पर है, जो अपनी कुर्सी की गरिमा भूलकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। कांदिवली की जनता अब जागरूक हो चुकी है और हम इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगे।