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लखनऊ, उत्तर प्रदेश — उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सात प्रमुख राजमार्गों पर आधुनिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध आइकॉनिक प्रवेश द्वार (Iconic Entry Gates) बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य की पहचान और स्वागत अनुभव दोनों को नए आयाम मिलेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिया है कि लखनऊ और अन्य प्रमुख मार्गों पर ऐसा आगमन-दर्शन रखा जाए कि राज्य में प्रवेश करते ही यात्रियों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत का अनुभव हो।
योजना का उद्देश्य
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक दृष्टिकोण का निर्माण
राज्य की सांस्कृतिक पहचान को पर्यटन तथा आम जनता के अनुभव के रूप में उजागर करना
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों के लिए स्वागत अनुभव को बेहतर बनाना
मुख्य प्रवेश द्वार और उनके प्रतीक
इन सात प्रवेश द्वारों का नाम और थीम उन प्रमुख सांस्कृतिक या धार्मिक केंद्रों पर आधारित होगी जिनकी ओर वे मार्ग ले जाते हैं:
प्रवेश द्वार
स्थान/मार्ग
प्रतीक/थीम
संगम द्वार
प्रयागराज मार्ग (रायबरेली रोड)
त्रिवेणी संगम और महाकुंभ परंपरा
नंदी-गंगा द्वार
वाराणसी मार्ग (सुल्तानपुर रोड)
काशी विश्वनाथ धाम, गंगा और नंदी का आध्यात्मिक सौंदर्य
सूर्य द्वार
अयोध्या मार्ग (बाराबंकी रोड)
भगवान राम और सूर्यवंश की विरासत
व्यास द्वार
नैमिषारण्य मार्ग (सीतापुर रोड)
महर्षि व्यास और ज्ञान और दर्शन
धर्म द्वार
हस्तिनापुर मार्ग (हरदोई रोड)
महाभारत की संस्कृति और न्याय
कृष्ण द्वार
मथुरा मार्ग (आगरा रोड)
भगवान श्रीकृष्ण की लीला और ब्रज संस्कृति
शौर्य द्वार
झांसी मार्ग (उन्नाव रोड)
वीरता, वीरांगनाओं और बुंदेलखंड का गौरव
(यह तालिका विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है)
डिज़ाइन और सुविधाएँ
मुख्यमंत्री ने डिज़ाइन में भारतीय पारंपरिक वास्तुकला, शिल्पकला, चौकसी पत्थर, फव्वारे, प्रकाश व्यवस्था, गुंबद, म्यूरल और हरित परिदृश्य के समावेश पर जोर दिया है। इसके साथ ही प्रवेश द्वारों के निकट सूचना कियोस्क, बैठने की व्यवस्था और पर्यटक मार्गदर्शन केंद्र जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी।