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नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस के मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया है और उन्हें 4 फरवरी 2026 को शाम 4 बजे तक संबंधित जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण (सुरेंडर) करने का आदेश जारी किया है।
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने अभिनेता के आचरण और अदालत द्वारा दिए गए आश्वासनों को पूरा न करने पर कड़ी टिप्पणियाँ की हैं। कोर्ट ने कहा कि यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (धारा 138) के तहत दर्ज चेक बाउंस मामलों में वे बार-बार समय मांगने और भुगतान का भरोसा देने के बावजूद अपने वादों पर कामयाब नहीं रहे।
मामले का संक्षिप्त विवरण
- यह मामला चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसमें राजपाल यादव और उनकी पत्नी को ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए जेल सज़ा सुनाई थी।
- 28 जून 2024 को हाईकोर्ट ने पहली बार सज़ा पर रोक लगाई थी ताकि पक्षकार के साथ समझौता करने और भुगतान की संभावना तलाशने का अवसर दिया जा सके।
- अदालत ने स्वीकार किया कि यादव ने 2.5 करोड़ के भुगतान का भरोसा दिया था, जिसमें किश्तों में ₹40 लाख और ₹2.1 करोड़ की राशि शामिल थी, लेकिन कोई तय भुगतान नहीं किया गया।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अब तक न तो कोई राशि जमा हुई है और न ही कोर्ट के आदेशों का पालन हुआ है, जिससे अदालत के भरोसे को ठेस पहुँची है।
हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट ने अब यह निर्देश दिया है कि राजपाल यादव 4 फरवरी 2026 को शाम 4 बजे तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करें ताकि वह ट्रायल कोर्ट द्वारा अदालत की ओर से दी गई सजा को भुगत सकें। न्यायालय ने 5 फरवरी 2026 को अनुपालन रिपोर्ट भी माँगी है।
कानूनी और पेशेवर पक्ष
अदालत ने यह निर्देश वादा किया कि अदालत समय-समय पर नरमी बरत चुकी है, लेकिन बार-बार दिए गए वादों को पूरा न करने पर अब कोई अधिक देरी स्वीकार्य नहीं है। इसी वजह से यह कड़ी कार्रवाई की मांग की गयी।