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लखनऊ, 13 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव लागू किया गया है। राज्य में अब स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर प्रणाली शुरू कर दी गई है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को पहले रिचार्ज कर बिजली इस्तेमाल करनी होगी। यदि मीटर का बैलेंस समाप्त हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाएगी।
क्या है नई प्रीपेड बिजली व्यवस्था
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा राज्यभर में बड़े पैमाने पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। यह प्रणाली मोबाइल फोन के प्रीपेड रिचार्ज की तरह काम करती है। उपभोक्ता जितना बैलेंस रिचार्ज करेंगे, उतनी ही बिजली का उपयोग कर पाएंगे। बैलेंस खत्म होते ही मीटर की ऑटो-डिस्कनेक्ट सुविधा सक्रिय हो जाएगी और बिजली सप्लाई बंद हो जाएगी।
लाखों स्मार्ट मीटर पहले ही लगाए जा चुके
सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अब तक 77 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 70 लाख से ज्यादा प्रीपेड स्मार्ट मीटर हैं। 13 मार्च 2026 से इन मीटरों का संचालन पूरी तरह सक्रिय किया गया है।
रिचार्ज खत्म होने पर क्या होगा
नई व्यवस्था के तहत:
- मीटर में बैलेंस खत्म होते ही बिजली सप्लाई अपने-आप बंद हो सकती है।
- उपभोक्ता को समय-समय पर बैलेंस की सूचना SMS या ऐप के माध्यम से मिलती है।
- बैलेंस कम होने पर उपभोक्ता तुरंत रिचार्ज कर सकते हैं।
- रिचार्ज होते ही बिजली फिर से बहाल हो जाती है।
रिचार्ज कैसे किया जा सकेगा
बिजली उपभोक्ता कई डिजिटल माध्यमों से मीटर रिचार्ज कर सकते हैं, जैसे:
- UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप
- BHIM, PhonePe, Google Pay, Paytm जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म
- बिजली विभाग के काउंटर या जन सुविधा केंद्र (CSC)
उपभोक्ताओं को मिलेंगे ये फायदे
नई स्मार्ट मीटर व्यवस्था से कुछ लाभ भी बताए जा रहे हैं:
- बिजली बिल में लगभग 2% तक की छूट
- बिजली खपत की रियल-टाइम जानकारी
- ओवरबिलिंग की समस्या में कमी
- बिजली चोरी और बकाया वसूली पर नियंत्रण
क्यों लागू की गई यह व्यवस्था
राज्य सरकार का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिजली वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, बिलिंग प्रक्रिया डिजिटल होगी और बिजली चोरी पर नियंत्रण लगेगा। इसके साथ ही उपभोक्ता अपनी खपत को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकेंगे।