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न्यू लिंक रोड पर ‘टाटा शोरूम’ का अवैध कब्जा: 3-3 लाइनों में खड़ी कारें बनीं मुसीबत, गोरेगांव RTO की सख्ती गायब क्यों?

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मुंबई (मालाड वेस्ट): मालाड वेस्ट के न्यू लिंक रोड पर रसूखदार कार शोरूम मालिकों द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चिंचोली बंदर फायर ब्रिगेड के पास स्थित ‘टाटा कार शोरूम’ (Tata Car Showroom) की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस शोरूम प्रबंधन ने न्यू लिंक रोड की मुख्य सड़क और फुटपाथ को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। शोरूम के बाहर नियमों को ताक पर रखकर 3-3 लाइनों (3 Rows) में कारें खड़ी करके इस सबसे व्यस्त मार्ग को भारी ट्रैफिक जाम के दलदल में धकेल दिया गया है।

शिकायत के बाद ‘दिखावे की कार्रवाई’, हालात जस के तस

स्थानीय निवासियों और त्रस्त वाहन चालकों का कहना है कि इस अवैध पार्किंग के खिलाफ जब भी आवाज उठाई जाती है, तो गोरेगांव ट्रैफिक पुलिस मौके पर आकर खानापूर्ति के लिए कुछ चालान काट देती है। लेकिन इस दिखावे की कार्रवाई का शोरूम प्रबंधन पर रत्ती भर भी असर नहीं होता। पुलिस की गाड़ी जाते ही सड़क पर फिर से नई कारों का मेला लग जाता है। सवाल यह उठता है कि क्या गोरेगांव ट्रैफिक विभाग की कार्रवाई सिर्फ कागजी कोरम पूरा करने के लिए होती है?

बड़ा सवाल: गोरेगांव RTO सभी वाहनों को ‘ज़ब्त’ क्यों नहीं करता?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और गंभीर सवाल गोरेगांव आरटीओ (Goregaon RTO) की कार्यप्रणाली पर खड़ा होता है:

  • जब आम जनता अपनी गाड़ी नो-पार्किंग में महज 5 मिनट के लिए भी खड़ी करती है, तो ट्रैफिक विभाग तुरंत उस पर बड़ी कार्रवाई करता है और मोटा जुर्माना वसूलता है।
  • फिर टाटा कार शोरूम द्वारा सड़क की 3-3 लाइनों पर कब्जा करने के बावजूद RTO इन गाड़ियों को वहां से हटाने या ज़ब्त करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाता?
  • आरटीओ के अधिकारी इन शोरूम मालिकों पर इतनी मेहरबानी क्यों बरसा रहे हैं? क्या रसूखदारों के आगे सरकारी तंत्र घुटने टेक चुका है?

पीक आवर्स में रेंगती है मुंबई, जनता बेहाल

न्यू लिंक रोड वैसे ही बेहद व्यस्त मार्ग बन चुका है। ऐसे में टाटा शोरूम द्वारा सड़क का एक बड़ा हिस्सा अवैध रूप से घेर लेने के कारण सुबह और शाम के पीक आवर्स में यहाँ कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन गाड़ियां भी इस जाम में फंसने को मजबूर हैं, जिससे किसी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है।

निर्णायक और कड़ी कार्रवाई की मांग

‘वशिष्ठ मीडिया’ प्रशासन से यह सीधा सवाल पूछता है कि आखिर कब तक कॉर्पोरेट घरानों के मुनाफे के लिए मुंबई की आम जनता को ट्रैफिक के नर्क में धकेला जाएगा?

गोरेगांव ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ को तुरंत संयुक्त कार्रवाई करते हुए शोरूम के बाहर अवैध रूप से खड़ी सभी गाड़ियों को ज़ब्त (Seize) करना चाहिए। साथ ही, सार्वजनिक मार्ग को बाधित करने के अपराध में टाटा शोरूम प्रबंधन पर भारी-कमर्थिक जुर्माना लगाया जाना चाहिए, ताकि यह दूसरों के लिए एक कड़ा सबक बने।

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