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मुंबई: मलाड वेस्ट के चिंचोली बंदर इलाके में स्थित प्रमुख ‘लैमन ट्री होटल’ इन दिनों अपनी पार्किंग व्यवस्था को लेकर चर्चा और विवादों के केंद्र में है। यहाँ के स्थानीय निवासियों और राहगीरों को सड़क पर चलने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका मुख्य कारण होटल के बाहर बेतरतीब तरीके से खड़ी गाड़ियाँ हैं।
सड़क पर वाहनों का जमावड़ा, आवागमन हुआ बाधित
‘संसद वाणी’ की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे चिंताजनक हैं। होटल के बाहर बाइकों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, वहीं कारों को इस तरह से पार्क किया गया है कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से ब्लॉक हो चुका है। इससे आम नागरिकों और अन्य वाहन चालकों के लिए रास्ता लगभग बंद सा हो गया है, जिससे घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि इस दौरान पुलिस की गश्त (पेट्रोलिंग) गाड़ी वहां से गुजरी, लेकिन सड़क को ब्लॉक करने वाली इन महंगी और VIP कारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संभवतः गाड़ियों के VIP होने के कारण पुलिस ने इस अतिक्रमण को नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा।
RTO की कार्रवाई से मिली राहत
जब इस मामले को लेकर ‘संसद वाणी’ की टीम ने मुंबई RTO में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, तो उसके बाद गोरेगांव RTO के अधिकारियों ने संज्ञान लिया। शिकायत के बाद RTO विभाग द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई, जिससे अवैध पार्किंग करने वालों में हड़कंप मच गया।
जनता की मांग: कार्रवाई जारी रहे
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बड़े होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था स्वयं करनी चाहिए। सड़क पर अतिक्रमण करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसी सेवाओं के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन भविष्य में भी ऐसी मनमानी पर क्या ठोस कदम उठाता है।