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नागपुर

देवेंद्र फडणवीस ने अंतरराष्ट्रीय कन्या दिवस पर बेटी दिविजा को किया सम्मानित, लेकिन सोशल मीडिया पर उठे सवाल

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International Day of the Girl Child: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार, 28 सितंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय कन्या दिवस के अवसर पर अपनी बेटी दिविजा को भावुक संदेश के साथ शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक फोटो के साथ उन्होंने लिखा, “इस अंतरराष्ट्रीय कन्या दिवस पर, तुम्हारे सपनों को पंख मिलें और तुम्हारी ताकत दुनिया को आकार दे। मेरी प्यारी दिविजा, तुम मेरी शान, खुशी और ताकत हो। स्वप्नांना तुझ्या प्रयत्नांची साथ लाभू दे, कर्तृत्वाला तुझ्या नवी ओळख मिळू दे…” इस पोस्ट में उन्होंने #आंतरराष्ट्रीयकन्यादिन और #Maharashtra जैसे हैशटैग का भी इस्तेमाल किया।

सकारात्मक पहल

फडणवीस का यह संदेश भारत में कन्याओं के सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। यह पोस्ट राष्ट्रीय ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के साथ मेल खाती है।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

हालांकि, फडणवीस की इस भावुक पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही। कुछ यूजर्स ने उनकी भावनाओं की सराहना की, जबकि अन्य ने राज्य में कन्याओं और महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों और अन्याय पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “महाराष्ट्र में खासकर मराठवाड़ा में कन्याएं रास्ते पर अन्याय के खिलाफ लड़ रही हैं, उनके प्रति ध्यान दें।” वहीं, कुछ ने शेतकरी कन्याओं की बदहाली और 2020 में हुई दिशा सालियान की रहस्यमयी मौत जैसे मामलों का जिक्र किया, जिसमें महाराष्ट्र पुलिस ने आत्महत्या का निष्कर्ष निकाला, लेकिन परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है।

दिशा सालियान मामले का उल्लेख

दिशा सालियान, जो एक मशहूर सेलिब्रिटी मैनेजर थीं, की 2020 में हुई मौत ने देश भर में सुर्खियां बटोरीं। उनके पिता सतीश सालियान ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी का बलात्कार और हत्या की गई, और इसे राजनीतिक प्रभाव में दबाया गया। हालांकि, मुंबई पुलिस ने अपनी जांच में कोई गड़बड़ी न पाने का दावा किया है। इस मामले में सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने फडणवीस से अन्य कन्याओं के लिए भी न्याय की मांग की, जो उनकी पोस्ट के सकारात्मक संदेश के खिलाफ एक कटु टिप्पणी बन गई।

विशेषज्ञों का मत

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कन्या दिवस जैसे आयोजनों से समाज में जागरूकता बढ़ती है, लेकिन इसके साथ ही सरकार को महिलाओं और कन्याओं के खिलाफ हिंसा और असमानता से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

निष्कर्ष

देवेंद्र फडणवीस की पोस्ट ने व्यक्तिगत भावनाओं को साझा करने के साथ-साथ कन्या सशक्तिकरण का संदेश दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर उठे सवालों से यह भी साफ हुआ कि समाज में अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं। क्या यह दिन केवल प्रतीकात्मक रहेगा या वास्तविक बदलाव लाएगा, यह आने वाला समय बताएगा।

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