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उत्तर प्रदेश में भारतमाला परियोजना के तहत नए ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण तेजी से चल रहा है। इन परियोजनाओं से 50 से अधिक गांवों को सीधा फायदा पहुंचेगा, जिससे कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में बूस्ट मिलेगा।
ग्रीनफील्ड हाईवे क्या हैं?
ग्रीनफील्ड हाईवे नए इलाकों से होकर बनाए जाते हैं, जहां पहले कोई सड़क नहीं होती। उत्तर प्रदेश में 10 से अधिक ऐसे एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, जिन पर 1.38 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है । ये हाईवे कम विकसित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण आसान बनाते हैं और यात्रा समय 40-50% तक घटाते हैं ।
भारतमाला परियोजना का योगदान
भारतमाला परियोजना के पहले चरण में 34,800 किमी राजमार्ग विकसित हो रहे हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश को प्रमुख हिस्सा मिला है। इसमें आर्थिक गलियारे, एक्सप्रेसवे और फीडर रोड शामिल हैं । हाल ही में दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे का उद्घाटन हुआ, जो सहारनपुर जैसे जिलों को जोड़ रहा है ।
50+ गांवों को होने वाले फायदे
नए स्टेट हाईवे और एक्सप्रेसवे से 50 से ज्यादा ग्राम पंचायतें सीधे जुड़ेंगी। उदाहरण के लिए, एक 27 किमी लंबा हाईवे 73 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है, जिसमें सर्विस लेन और अंडरपास शामिल हैं । इससे गांवों की जमीन की कीमतें बढ़ेंगी और व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। बरेली जिले में गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे 68 गांवों से गुजरेगा ।
परियोजना
लंबाई
प्रभावित गांव
स्थिति
स्टेट हाईवे (अज्ञात जिला)
27 किमी
50+
मंजूरी प्राप्त
गोरखपुर-शामली
–
68
भूमि अधिग्रहण शुरू
गाजीपुर-बलिया
134 किमी
–
85% पूरा, जून 2026 तक
अन्य प्रमुख प्रोजेक्ट्स
आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे ढाई साल में पूरा होगा, जो आगरा के 14 गांवों को जोड़ेगा । दो जिलों के 164 गांवों से गुजरने वाला नया एक्सप्रेसवे ट्रैफिक दबाव कम करेगा । ये सभी परियोजनाएं योगी सरकार की कनेक्टिविटी पहल का हिस्सा हैं।
भविष्य की संभावनाएं
इन हाईवेज से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और पूर्वांचल-पश्चिमी यूपी के बीच संपर्क मजबूत होगा । निवेशकों और किसानों को नया अवसर मिलेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था तेजी पकड़ेगी। निर्माण कार्य 2026 तक कई प्रोजेक्ट्स पूरे कर लेगा।